पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा आज सोमा मुंडा की पत्नी और बच्चों से मुलाकात किए। मुलाकात के दौरान परिजनों ने अर्जुन मुंडा के समक्ष आशंका व्यक्त की कि अबतक
खूंटी : हत्याकांड में शामिल मुख्य शूटरों को गिरफ्तार नहीं किया है। इस मामले पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि जांच प्रक्रिया चल रही है लेकिन घटना में सम्मिलित लोग कैसे पकड़ में आए इस पर पुलिस का कोई कार्य होता हुआ नहीं दिख रहा है। पुलिस जो भी कार्य कर रहे हैं उसमें मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो इस तरह की बातें स्वाभाविक है क्योंकि घटना घटी है उसको पुलिस को इसका उद्भेदन करना चाहिए। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया है? उसमें क्या साक्ष्य मिले हैं इस पर कोई स्पष्ट नहीं है क्योंकि पुलिस यह बताने की स्थिति में नहीं है। बताया जा रहा है कि इस घटना में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस मामले में लीपापोती कर रही है। कुछ लोगों को गिरफ्तार दिखाकर उसके माध्यम से लोग शांत रहे इसकी कोशिश की जा रही है। हत्या के पीछे की मुख्य वजह क्या थी यह अबतक पुलिस की रिपोर्ट में सामने नहीं आया है।,,पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैं मानता हूं कि उनकी हत्या एक व्यक्ति की हत्या नहीं है बल्कि एक सामाजिक संस्था की हत्या है चूंकि ऐसे व्यक्ति सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक दायित्व और सामाजिक सरोकार से जुड़े व्यक्ति थे जो सामाजिक रूढ़िवादी परंपरा को आगे ले चलने का दायित्व निर्वहन कर रहे थे। राज्य में जब पेसा कानून लागू होने की बात की जाती है ऐसे समय में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या कई सवाल पैदा करती है।
इनकी हत्या सामाजिक परंपरागत रूढ़िवादी व्यवस्था को सांस्कृतिक विरासत के रूप में सहेजने वाले संस्था पर एक तरह का प्रहार है। राज्य सरकार के लिए बहुत जरूरी है कि इस मामले का उद्भेदन करके राज्य में सामाजिक परंपरागत संस्थाओं को बरकरार रखे,,,पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैं मानता हूं कि उनकी हत्या एक व्यक्ति की हत्या नहीं है बल्कि एक सामाजिक संस्था की हत्या है चूंकि ऐसे व्यक्ति सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक दायित्व और सामाजिक सरोकार से जुड़े व्यक्ति थे जो सामाजिक रूढ़िवादी परंपरा को आगे ले चलने का दायित्व निर्वहन कर रहे थे। राज्य में जब पेसा कानून लागू होने की बात की जाती है ऐसे समय में पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या कई सवाल पैदा करती है।
इनकी हत्या सामाजिक परंपरागत रूढ़िवादी व्यवस्था को सांस्कृतिक विरासत के रूप में सहेजने वाले संस्था पर एक तरह का प्रहार है। राज्य सरकार के लिए बहुत जरूरी है कि इस मामले का उद्भेदन करके राज्य में सामाजिक परंपरागत संस्थाओं को बरकरार रखे।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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