सह सशक्तिकरण शिविर,महिलाओं के लिए ₹1 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण

खूँटी - अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) खूँटी द्वारा प्रखंड सभागार, तोरपा में जिला प्रशासन के सहयोग से विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में तोरपा प्रखंड क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अधिकारों व सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए खूँटी रसिकेश कुमार थे। इस अवसर पर एसी खूँटी परमेश्वर मुंडा, एसडीजेएम खूँटी विद्यावती कुमारी, बीडीओ तोरपा नवीन कुमार झा, सीओ तोरपा पूजा बिंहा तथा डीएलएसए खूँटी के सचिव कमलेश बेहरा सहित जिला प्रशासन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत बीडीओ तोरपा नवीन कुमार झा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं के हित में इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने डीएलएसए खूँटी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रखंड प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में हमेशा सहयोग करता रहेगा। सभा को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि नारी इस पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत का आधार है। एक महिला माँ के रूप में मानव जीवन को जन्म देती है और उसे प्रेम, संस्कार और मार्गदर्शन प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना समाज, परिवार और मानव सभ्यता की कल्पना संभव नहीं है, इसलिए महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं के साथ केक काटकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया, जो महिला शक्ति के प्रति सम्मान और एकजुटता का प्रतीक रहा। एसी खूँटी परमेश्वर मुंडा ने अपने संबोधन में समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना आवश्यक है। डीएलएसए खूँटी के सचिव कमलेश बेहरा ने अपने संबोधन में डीएलएसए की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं, बच्चों एवं अन्य पात्र व्यक्तियों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध है। उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं, विधिक सहायता रक्षा परामर्शी प्रणाली (लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम) तथा पात्र व्यक्तियों को न्यायालय शुल्क में मिलने वाली छूट की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों के पीड़ितों के लिए पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक, हत्या, बलात्कार, यौन उत्पीड़न आदि अपराधों के पीड़ितों और उनके आश्रितों को इस योजना के तहत सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की विधिक सहायता के लिए डीएलएसए कार्यालय से संपर्क करें तथा निःशुल्क विधिक सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 का उपयोग करें। एसडीजेएम खूँटी विद्यावती कुमारी ने महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण से संबंधित संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(क) के महत्व को समझाते हुए कानून के समक्ष समानता, सरकारी सेवाओं में समान अवसर तथा न्याय तक समान पहुंच के अधिकार पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के संपत्ति अधिकार,हिंदू विवाह अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून, अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम, जीरो एफआईआर तथा विशेष परिस्थितियों में गर्भसमापन के अधिकार के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सीओ तोरपा पूजा बिंहा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों, पदाधिकारियों और उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महिलाओं को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए महिला लाभार्थियों एवं छात्राओं के बीच लगभग ₹1 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और अधिकारियों के बीच संवाद भी हुआ,जिससे महिलाओं के विधिक अधिकारों,न्याय तक पहुंच और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को और मजबूती मिली।

रिपोर्टर - शहीद अंसारी

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