विधायक रामसूर्या मुंडा ने विधानसभा सत्र के दौरान पंचायती राज व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा सदन में उठाया

खूंटी : उन्होंने पंचायत स्तर पर स्थापित प्रज्ञा केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ग्रामीणों को हो रही परेशानियों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।

विधायक मुंडा ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं जैसे आधार, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंकिंग, पेंशन और मनरेगा से संबंधित कार्य पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध कराना है। लेकिन वर्तमान में इन केंद्रों पर कार्यरत वीएलई (VLE) द्वारा ये सेवाएं नियमित रूप से प्रदान नहीं की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को मजबूरन प्रखंड कार्यालय का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रज्ञा केंद्रों में कार्य कर रहे वीएलई को उचित मानदेय नहीं मिल रहा है, जिसके कारण सेवाओं के संचालन में भी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
विधायक ने सरकार से मांग की कि पंचायत स्तर पर सभी आवश्यक डिजिटल सेवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वीएलई के लिए न्यूनतम मानदेय तय किया जाए, ताकि ग्रामीणों को उनके अधिकार की सुविधाएं अपने ही पंचायत में आसानी से मिल सकें।

रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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