खूंटी में एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का आयोजन, आदिवासी महिला नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा हुवी शामिल

खूंटी :  जिले के डूंगरा पंदनटोली बगीचा मैदान में आज एदेल संगा 22 पड़हा जतरा का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आदिवासी महिला नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं।  हर साल की तरह इस साल भी जतरा में झारखंड के कई कलाकारों ने शिरकत की। आदिवासी पारंपरिक वेश भूषा में सामूहिक नृत्य के साथ जतरा का आनंद लेते नजर आए।डूंगरा पंदनटोली बगीचा मैदान में पारंपरिक रीति-रिवाज से जतरा की शुरुआत हुई। ग्राम प्रधान ने आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। मंच पर झारखंडी कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। हजारों की संख्या में लोग अपनी संस्कृति से जुड़ने पहुंचे। आदिवासी महिला नेत्री ज्योत्सना केरकेट्टा ने कहा की यह धरती भगवान बिरसा मुंडा की धरती है। हमारे पूर्वजों ने बलिदान देकर झारखंड को बचाया और आदिवासी संस्कृति को जिंदा रखा। हमें अपनी मजबूती दिखानी होगी, तभी हम अपने हक-अधिकार की बात कर पाएंगे। वरना एक बड़ी साजिश के तहत आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन से हाथ धोना पड़ सकता है।"

   वहीं समाज सेवी यासीन अंसारी ने कहा की एकता ही हमारी संस्कृति और व्यवस्था को बचा सकता हैं साथ ही उन्होंने कहा की समाज में एकता से बड़ा कोई हथियार नहीं हैं हम सभी  अपने हक और अधिकार को जानना होगा। तभी हम अपनी पहचान बचा पाएंगे।
इस मौके पर आदिवासी समाज के लोग एकजुट होकर अपनी परंपरा, गीत-संगीत और नृत्य के जरिए संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं। नेताओं ने मंच से एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में शामिल  समाज सेवी यासीन अंसारी पड़हा संयोजक महादेव मुंडा, कार्यकारी राजा सुखु संगा, जॉनसन हीरो, बिरसा हॉस्पिटल के संस्थापक अशोक भगत, सोदाग के मुख्या पतरश तिर्की,मार्गों संगा , ग्राम प्रधान कमल सांगा, मनीष लोहारा कोषाध्यक्ष,लाधु मुंडा, मुन्ना मुंडा, सुरेंद्र भिन्झया, प्रकाश मुंडा, माझीया संगा, प्रलाद ठाकुर,
इस कार्यक्रम के संचालक अमर बाबू। अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे

रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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