चार वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र स्थापित, वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी निःशुल्क विधिक सहायता
खूँटी - राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली के निर्देश एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), राँची के मार्गदर्शन में संचालित नालसा (जागृति) योजना, 2025 के अंतर्गत माह जून 2026 की निर्धारित थीम “वरिष्ठजन अधिकार, सशक्तिकरण और गरिमा” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), खूँटी द्वारा जिले में चार “वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र” (सीनियर सिटीजन फैसिलिटेशन डेस्क) की स्थापना की गई है। यह पहल माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्रारंभ की गई है। इन केंद्रों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं से जोड़ना है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 15 जून को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व वरिष्ठजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day - WEAAD) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा, शोषण एवं अन्य समस्याओं के प्रति समाज को जागरूक करना तथा उनकी गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से नालसा द्वारा जून 2026 माह को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, संरक्षण, कल्याण एवं न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान माह के रूप में मनाने का निर्देश दिया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी द्वारा निम्नलिखित चार स्थानों पर वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं—
बैंक ऑफ इंडिया, खूँटी शाखा प्रखंड कार्यालय, खूँटी वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम), पिपरटोली फ्रंट ऑफिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी प्रत्येक केंद्र में रोटेशन के आधार पर दो-दो पारा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिनमें एक महिला पीएलवी को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों, विशेषकर वृद्ध महिलाओं को संवेदनशील एवं सुगम सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। पीएलवी वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं तथा आवश्यक आवेदन प्राप्त कर उन्हें संबंधित विभागों एवं योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। इन सहायता केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों को निम्नलिखित विषयों पर निःशुल्क सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के अंतर्गत भरण-पोषण, उपेक्षा, परित्याग, संपत्ति विवाद, दुर्व्यवहार एवं शोषण से संबंधित मामलों में विधिक सहायता निःशुल्क विधिक सहायता हेतु आवेदन प्राप्त करना, उसका प्रलेखन एवं सक्षम प्राधिकार के समक्ष संदर्भण। पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य लाभ, बीमा सुरक्षा, दिव्यांगता एवं विधवा सहायता योजनाओं, आयुष्मान भारत तथा अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में सहायता,साइबर एवं वित्तीय सुरक्षा संबंधी जागरूकता, जिसमें साइबर ठगी, ओटीपी स्कैम, फर्जी केवाईसी कॉल, डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी एवं वित्तीय शोषण से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, गोपनीयता एवं निजता की रक्षा करते हुए परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराना।
पीएलवी द्वारा इन केंद्रों पर वरिष्ठ नागरिकों से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, ताकि उन्हें शीघ्र ही सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं, विधिक सहायता एवं अन्य राहतों से जोड़ा जा सके। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों एवं प्राधिकारों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी द्वारा स्थापित ये चारों वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र पूरे जून माह तक कार्यरत रहेंगे। साथ ही 15 जून 2026 को विश्व वरिष्ठजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर विशेष आउटरीच कार्यक्रम एवं विधिक सहायता शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों, उनके परिजनों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन केंद्रों का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान हेतु निःसंकोच संपर्क करें। साथ ही सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि कोई भी वरिष्ठ नागरिक अपने अधिकार, सम्मान और न्याय से वंचित न रहे।
रिपोर्टर - शहीद अंसारी
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