खूंटी एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

खूंटी :  स्वास्थ्य विभाग, खूंटी द्वारा आज जिले के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य CHOs की क्षमता का विकास करना है ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों के समुदायों और नजदीकी स्कूलों में जाकर बच्चों व ग्रामीणों को तंबाकू और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर सकें। यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में वर्तमान में चल रहे 'नशा मुक्ति अभियान' (15 जून से 26 जून) और 'तंबाकू निषेध अभियान' (31 मई से 26 जून) के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए खूंटी के सिविल सर्जन डॉ. एल. आर. पाठक ने तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक के दौरान कोटपा (COTPA) 2003 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के विभिन्न कानूनी प्रावधानों और नियमों पर भी गंभीर चर्चा की गई। CHOs को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक जैसे नियमों को कैसे सख्ती से लागू करवाने में वे मदद कर सकते हैं।

इस अवसर पर डीपीएम (DPM) कानन बाला तिर्की भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने स्वास्थ्य प्रणालियों के माध्यम से इस अभियान को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने पर जोर दिया। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के जिला सलाहकार रोहित जॉन तिग्गा ने तंबाकू नियंत्रण के तकनीकी पहलुओं और कानूनी नियमों की जानकारी साझा की, जबकि सोशल वर्कर पूनम एक्का ने नशे की लत से पीड़ित परिवारों की काउंसिलिंग और सामाजिक जागरूकता के व्यावहारिक तरीकों पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रशिक्षण के अंत में सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) को अपने-अपने चिन्हित क्षेत्रों और स्थानीय स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया।

रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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