नशापान के विरुद्ध कौशल विकास के छात्रों ने चलाया जनजागरुकता अभियान*

खूंटी : नशापान के खिलाफ खूंटी में लगातार जनजागरुकता अभियान चल रहे हैं। आज खूंटी मेन रोड पर कौशल विकास प्रशिक्षण के छात्र-छात्राओं ने रैली और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक किया। वीओ: छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए दिखाया कि पान, गुटखा, तम्बाकू हर गली-मोहल्ले में सस्ते दाम पर मिल जाता है। बीड़ी, सिगरेट, ड्रग्स के सेवन से होने वाले नुकसान भी नाटक में बखूबी दर्शाए गए। नाटक में बताया गया कि सड़कों, दीवारों, ऑफिसों में पान खाकर थूकने से भारत का कोई भी सड़क बिना थूका नहीं बचा है। उर्वशी कुमारी, छात्रा:   "नशा क्या है वो तो हम सभी जानते हैं। ये भी पता है कि नशा करने से सिर्फ नुकसान है। लेकिन पता नहीं क्यों हम उसे अच्छा मानने लगते हैं। घर में अगर कोई शराब या नशे की लत में है तो झगड़ा हो रहा है, सब दिखाई देता है, सब समझ में भी आता है। लेकिन फिर भी लगता है सब आम है, चलता रहेगा। हमने नाटक में दिखाया कि जो बाप नशा करता है उसका असर बीवी-बच्चों पर क्या पड़ता है। बच्चे सोचते हैं बाप कर सकता है तो हम क्यों नहीं। फिर वो भी नशे में चला जाता है। स्टूडेंट गलत संगति में आकर नशा करने लगे तो उसकी जिंदगी से नशा हटाना बहुत मुश्किल हो जाता है।"

वीओ: कौशल विकास की छात्रा सुनैना कुमारी ने कहा कि नशा मुक्ति तभी संभव है जब लोग नशा बनाना बंद करें। छोटी-छोटी कोशिश से ही बड़ी कामयाबी मिलेगी।


"हम लोग यहां नशा मुक्ति दिवस के लिए एकत्रित हुए हैं। नशा मुक्ति तभी छूटेगा जब आदमी नशा बनाना बंद कर दे। छोटी-छोटी कोशिश से ही बड़ी कामयाबी मिलेगी। जितना हो सके हम अपने गांव, घर, समाज को नशा मुक्ति के बारे में बताएंगे, तभी देश नशामुक्त हो सकता है।" ट्रेनर दीपशिखा ने कहा कि नशा दोस्त बनकर घर में प्रवेश करता है और धीरे-धीरे समाज को खोखला कर देता है। इससे परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों में घिर जाता है।

"नशा हमारे पास दोस्त बना करके आता है। घर में नशा का प्रवेश होता है फिर धीरे-धीरे समाज भी खोखला होता जाता है। लड़कियों को, बच्चों को, यहां तक कि महिलाएं भी नशापान के कारण प्रताड़ित होती हैं। जो नशा कर रहा है उसके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और पूरा परिवार परेशानियों में घिर जाता है। इसलिए हम रैली और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरुकता फैला रहे हैं।"

रिपोर्टर : शहीद अंसारी 

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