के.जी.बी.वी. कलामाटी में पॉक्सो अधिनियम पर जागरूकता शिविर आयोजित
खूँटी : माननीय झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (जालसा), राँची के निर्देशानुसार तथा रसिकेश कुमार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी द्वारा 90-दिवसीय सघन विधिक जागरूकता एवं प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत आज कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, कलामाटी में "सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य" विषय पर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 से संबंधित जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 110 छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता श्री राजीव कमल, मुख्य विधिक सहायता प्रतिरक्षा परामर्शी (एल.ए.डी.सी.), खूँटी ने की। इस अवसर पर प्रीतिवन्ती मेरी मुण्डरी, सहायक व्यक्ति (पॉक्सो) सहित डी.एल.एस.ए., खूँटी की समस्त टीम उपस्थित रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य एल.ए.डी.सी. ने प्रतिभागियों को बालकों के संरक्षण हेतु भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15, 39 एवं 39क तथा बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (यू.एन.सी.आर.सी.) के अंतर्गत राज्य के दायित्वों की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रमुख एवं दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पुलिस अधिकारियों के अनिवार्य दायित्वों—पॉक्सो मामलों में बिना विलंब प्राथमिकी दर्ज करना, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराना, बालक/बालिका को बाल कल्याण समिति (सी.डब्ल्यू.सी.) के समक्ष प्रस्तुत करना तथा पीड़िता को मनो-सामाजिक सहायता हेतु सहायक व्यक्ति (सपोर्ट पर्सन) की नियुक्ति—की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को "अच्छा स्पर्श एवं बुरा स्पर्श" की अवधारणा के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल अरेस्ट, साइबर ठगी तथा सेक्सटॉर्शन जैसी उभरती चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि पॉक्सो पीड़ित की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा उसकी पहचान उजागर करना पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी भी दी गई, जिसके अंतर्गत सामूहिक बलात्कार के मामलों में ₹5,00,000 तथा बलात्कार के मामलों में ₹4,00,000 की न्यूनतम प्रतिकर राशि सहित अन्य लैंगिक उत्पीड़न के मामलों में उपलब्ध सहायता की जानकारी दी गई।
इसके पश्चात श्रीमती प्रीतिवन्ती मेरी मुण्डरी, सहायक व्यक्ति (पॉक्सो) ने पॉक्सो नियमावली, 2020 के अंतर्गत सहायक व्यक्ति की भूमिका एवं कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त किया कि वे पीड़ित एवं जरूरतमंद बालिकाओं की सहायता के लिए सदैव उपलब्ध हैं। उन्होंने अपना संपर्क नंबर भी साझा करते हुए कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में छात्राएं उनसे संपर्क कर सकती हैं तथा डी.एल.एस.ए., खूँटी के माध्यम से उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्राओं को नालसा हेल्पलाइन – 15100 तथा डी.एल.एस.ए., खूँटी के फ्रंट ऑफिस की जानकारी भी दी गई, जहाँ वे किसी भी प्रकार की निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श प्राप्त कर सकती हैं।
(कमलेश बेहरा)
सिविल जज (वरीय प्रभाग)-सह-सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी,
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