सरना सनातन सामाजिक अशांति फैलाने को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
खूंटी : सरना सनातन संगठन,झारखंड-खूंटी ने पड़हा व्यवस्था की आड़ में रैयती भूमि पर अवैध कब्जा और सामाजिक अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है।संगठन के अध्यक्ष कमलेश राम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 23 जुलाई 2026 को राजभवन को पत्र क्रमांक-039 भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।ज्ञापन में कहा गया है कि खूंटी जिले के कर्रा और तोरपा प्रखंड के चूरले,जरियागढ, कसीरा,हुटुब,कोनहप्पा,जलंगा,बुड़का,डाड़टोली,सुंदारी और सोसो टोली सहित कई गांवों में कुछ लोग भीड़ जुटाकर हथियारों के बल पर सैकड़ों एकड़ रैयती भूमि पर जबरन जोताई कर लाल झंडा गाड़ रहे हैं।इससे क्षेत्र में भय,तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है।संगठन का आरोप है कि कुछ तत्व पेसा अधिनियम (PESA Act) की गलत व्याख्या कर स्वयं को सर्वोच्च अधिकार संपन्न बता रहे हैं तथा खतियान,रजिस्ट्री, डीड और पट्टा जैसे वैध दस्तावेजों को भी नकार रहे हैं।बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों से भूमि जोतने की घटनाएं भी सामने आई हैं।जिससे वैध रैयत किसानों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।ज्ञापन में प्रशासन पर पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच,दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा रैयत किसानों की भूमि और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी
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