जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी व्यवहार न्यायालय परिसर, खूँटी – 835210 (झारखण्ड)

खूंटी : आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (12.09.2026) की तैयारी हेतु बैंक प्रतिनिधियों के साथ बैठक सम्पन्न प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी श्री रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी के तत्त्वावधान में दिनांक 06.08.2026 को अपराह्न 01:00 बजे डी.एल.एस.ए. सम्मेलन कक्ष, व्यवहार न्यायालय, खूँटी में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिनांक 12.09.2026 को आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक-से-अधिक प्री-लिटिगेशन (मुकदमा-पूर्व) बैंक मामलों के निष्पादन हेतु रणनीति निर्धारित करना था। बैठक की अध्यक्षता स्थायी लोक अदालत (पी.एल.ए.) के अध्यक्ष श्री कौशलेश कुमार सिंह ने की। बैठक में स्थायी लोक अदालत के सदस्यगण, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी तथा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (LDM), खूँटी श्री अजित कुमार सहित विभिन्न बैंकों के कुल 14 प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आई.डी.बी.आई. बैंक, झारखण्ड ग्रामीण बैंक सहित अन्य प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधक/प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

बैठक में विगत राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों द्वारा किए गए कार्य-निष्पादन की सविस्तार समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विगत लोक अदालत में विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 284 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया था। अध्यक्ष महोदय ने बैंकों द्वारा किए गए इस कार्य की सराहना करते हुए आगामी लोक अदालत में इससे बेहतर परिणाम प्राप्त करने का आह्वान किया।
यह उल्लेखनीय है कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु प्री-लोक अदालत सिटिंग दिनांक 12 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जिसमें पक्षकारों के मध्य सौहार्दपूर्ण समझौते के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।
बैठक में अध्यक्ष महोदय एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी द्वारा सभी उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे अपनी-अपनी शाखाओं के अधिक-से-अधिक डिफॉल्टर ऋण खातों में पक्षकारों को समय-रहते नोटिस निर्गत करें, ताकि दिनांक 12.09.2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम बैंक-मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। यह भी अनुरोध किया गया कि बैंक प्री-लोक अदालत सिटिंग में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा पक्षकारों को समझौते हेतु प्रोत्साहित करें।
अध्यक्ष महोदय ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निष्पादन दोनों पक्षों के लिए हितकर होता है — एक ओर बैंकों के बकाया ऋण की वसूली सुनिश्चित होती है, वहीं दूसरी ओर पक्षकारों को ब्याज एवं दंड में छूट का लाभ प्राप्त होता है, जिससे वे पुनः वित्तीय मुख्यधारा से जुड़ पाते हैं। अतः यह सभी हितधारकों के हित में है कि अधिक-से-अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जाए।
बैठक के अन्त में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी ने उपस्थित सभी बैंक प्रतिनिधियों का आभार प्रकट किया तथा आशा व्यक्त की कि सामूहिक प्रयासों से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में विगत उपलब्धि से कहीं अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
(कमलेश बेहरा)
सचिव,
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूँटी

रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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