जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी (झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, राँची के तत्वावधान में) व्यवहार न्यायालय परिसर
खूंटी : 12 सितम्बर, 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के सफलतापूर्ण आयोजन हेतु डी.एल.एस.ए. खूंटी में थाना प्रभारियों के साथ समन्वय बैठक सम्पन्न विद्वान अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी-सह-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खूंटी श्री रसिकेश कुमार के निर्देश पर आज दिनांक 06.08.2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी के कार्यालय में खूंटी जिले के सभी थानों के थाना प्रभारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी के सचिव-सह-व्यवहार न्यायाधीश (वरीय प्रभाग), खूंटी श्री कमलेश बेहरा ने की। बैठक में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, खूंटी सुश्री विद्यावती कुमारी एवं मुख्य विधिक सहायता बचाव परामर्शी, खूंटी श्री राजीव कमल भी सम्मिलित हुए। बैठक का एकमात्र विषय 12 सितम्बर, 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्ण संचालन रहा। सचिव, डी.एल.एस.ए. खूंटी श्री कमलेश बेहरा ने उपस्थित थाना प्रभारियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय (कम्पाउंडेबल) प्रकृति के आपराधिक मामले, चेक-बाउंस के मामले, बैंक-वसूली के मामले, विद्युत एवं जल-कर सम्बन्धी मामले, मोटर दुर्घटना दावा मामले, वैवाहिक मामले, श्रम विवाद तथा अन्य सुलहनीय प्रकृति के लम्बित एवं मुकदमापूर्व (प्री-लिटिगेशन) मामलों का सुलह-आधारित निपटारा किया जाएगा।
सचिव, डी.एल.एस.ए. खूंटी ने विशेष रूप से न्यायालयों एवं स्थायी लोक अदालत द्वारा निर्गत नोटिसों की समय-सीमा के भीतर तामीली पर बल देते हुए कहा कि थाना-स्तर पर नोटिसों की त्वरित एवं प्रभावी तामीली सुनिश्चित की जाए। इस हेतु प्रत्येक थाने में एक नामित पदाधिकारी को उत्तरदायी बनाया जाए, तामीली-प्रतिवेदन ससमय सम्बन्धित न्यायालय को वापस अग्रसारित किया जाए, तथा तामीली में विलम्ब न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि नोटिसों की समय पर तामीली से पक्षकार पूर्व-लोक अदालत बैठकों (प्री-सिटिंग्स) में उपस्थित हो सकेंगे, जिससे मामलों के गुण-दोष एवं सुलह की सम्भावनाओं पर पूर्व से विचार-विमर्श किया जा सकेगा तथा 12 सितम्बर, 2026 के राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय एवं सुयोग्य मामलों के निष्पादन एवं निपटारे की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी।
अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, खूंटी सुश्री विद्यावती कुमारी ने बताया कि उनके न्यायालय में लम्बित शमनीय प्रकृति के आपराधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हित कर सूचीबद्ध किया जा रहा है। उन्होंने थाना प्रभारियों से आग्रह किया कि उनके न्यायालय द्वारा निर्गत नोटिसों/समनों की तामीली विशेष प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाए, ताकि पक्षकार पूर्व-लोक अदालत बैठकों में उपस्थित होकर सुलह-आधारित निपटारे का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्य विधिक सहायता बचाव परामर्शी श्री राजीव कमल ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अन्तर्गत कार्यरत विधिक सहायता बचाव परामर्शी प्रणाली (एल.ए.डी.सी.एस.) एवं पैनल अधिवक्तागण राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय मामलों के पक्षकारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु तत्पर हैं। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि पात्र पक्षकारों को डी.एल.एस.ए. के फ्रंट ऑफिस अथवा नालसा हेल्पलाइन 15100 से सम्पर्क करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
सचिव, डी.एल.एस.ए. खूंटी ने बैठक के समापन पर सभी थाना प्रभारियों से आग्रह किया कि आगामी 12 सितम्बर, 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ एवं सुलह-आधारित न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में खूंटी जिले के सभी थानों के थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
(कमलेश बेहरा)
व्यवहार न्यायाधीश (वरीय प्रभाग)-सह-सचिव,
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी
रिपोर्टर : शहीद अंसारी
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