कुदा में 12 दिवसीय सुअर पालन प्रशिक्षण का शुभारंभ

खूंटी :  ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से बैंक ऑफ इंडिया (BOI) RSETI के सहयोग से मुरहू प्रखंड के कुदा पंचायत भवन में 12 दिवसीय सुअर पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि डिक्सन पूर्ति, स्थानीय मुखिया अमर मुंडू, मुखिया सुखराम सरूकद, नोट्रोथ पूर्ति, BOI RSETI के प्रशिक्षक सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामसूर्या मुंडा ने प्रशिक्षणार्थियों से पूरी गंभीरता और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा अपने कौशल को विकसित कर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं और अपनी आय का स्थायी साधन तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाकर युवा अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण सराहनीय पहल
स्थानीय मुखिया अमर मुंडू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को गांव में रहकर पंचायत स्तर पर ही रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ प्रशिक्षण लेने की अपील की। साथ ही आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के बाद ऋण एवं योजनाओं से जोड़ने का प्रयास
BOI RSETI के प्रशिक्षक सुशील कुमार ने बताया कि संस्थान की ओर से प्रत्येक वर्ष विभिन्न ट्रेड एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में करीब 900 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा जाता है। बेरोजगार एवं इच्छुक लोगों को रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जाता है।
उन्होंने बताया कि सुअर पालन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर लाभार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। प्रशिक्षण के बाद पात्र प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उपलब्ध योजनाओं एवं ऋण सुविधाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) सहित बैंकिंग सुविधाओं से जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उद्यम शुरू करने में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों ने सुअर पालन प्रशिक्षण को लेकर उत्साह व्यक्त किया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थी सुअर पालन को व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनेंगे।

रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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