संवेदकों की समस्याओं को लेकर विधायक से मिला प्रतिनिधिमंडल, सात सूत्री मांग पत्र सौंपा
लातेहार - संवेदक संघ, लातेहार का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को संघ के अध्यक्ष राजन तिवारी के नेतृत्व में रांची स्थित विधानसभा आवास पहुंचकर लातेहार के विधायक प्रकाश राम से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को जिले के संवेदकों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस दौरान संवेदकों ने अपनी आर्थिक परेशानियों, लंबित भुगतान और निविदा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संघ के अध्यक्ष राजन तिवारी ने विधायक को बताया कि लातेहार जिले के संवेदक वर्तमान समय में बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। लंबे समय से विभिन्न योजनाओं की राशि का भुगतान लंबित रहने, प्रक्रियागत जटिलताओं और कथित भ्रष्ट व्यवस्था के कारण छोटे-बड़े संवेदक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई संवेदक कर्ज लेकर योजनाओं का काम पूरा कर रहे हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
राजन तिवारी ने कहा कि संवेदकों की समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांगों पर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया तो संवेदक संघ लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रतिनिधिमंडल की बातों को विधायक प्रकाश राम ने गंभीरता से सुना। उन्होंने संवेदकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। विधायक ने कहा कि वे पूरे मामले को लातेहार के उपायुक्त एवं मुख्यमंत्री के समक्ष मजबूती से उठाएंगे तथा संवेदकों को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
संघ की प्रमुख मांगों में स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देने से संबंधित तत्कालीन उपायुक्त गरिमा सिंह द्वारा जारी पत्रांक-906, दिनांक 29 अगस्त 2024 के आदेश को सख्ती से लागू करना शामिल है। इसके अलावा डीएमएफटी मद में काटी गई 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करने, सीएसआर एवं एसीए मद में लंबित करोड़ों रुपये का भुगतान अविलंब करने की मांग की गई।
संघ ने जिला परिषद में किसी बाहरी व्यक्ति का किए गए निबंधन को रद्द करने, जिला परिषद एवं एनआरएपी की निविदा प्रक्रिया को ऑफलाइन कराने तथा नई रॉयल्टी चालान नीति को वापस लेने की भी मांग की है। संवेदकों का आरोप है कि नई रॉयल्टी चालान व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग, भवन प्रमंडल और जिला परिषद की कई योजनाओं का भुगतान पिछले कई महीनों से लंबित है। इससे संवेदकों के सामने कर्मचारियों और मजदूरों का भुगतान करने के साथ-साथ बैंक ऋण एवं अन्य देनदारियों को चुकाने की समस्या उत्पन्न हो रही है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संवेदक विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भुगतान एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे योजनाओं का काम भी प्रभावित न हो और संवेदकों को उनके कार्य का भुगतान भी निर्धारित समय पर मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में संघ के उपाध्यक्ष रंजीत जायसवाल, मो. मोज्जमिल, कोषाध्यक्ष रविकान्त पासवान, रंजन प्रसाद, मो. एहसान, अजय गुप्ता, कृष्णा यादव, सुनील पाण्डेय, अशोक गुप्ता, अनवर अंसारी, कामिल अंसारी, इमदाद आलम, पवन गुप्ता, सूर्यदेव प्रसाद, प्रमोद महतो, आसिफ आगा सहित दर्जनों संवेदक मौजूद थे।
रिपोर्टर - बब्लू खान
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