एमएमआरडी संशोधन पर JMM-कांग्रेस गुमराह कर रही - मधु कोड़ा
खूँटी : पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने एमएमआरडी संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर JMM और कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। मधु कोड़ा ने कहा कि दोनों पार्टियां जनता को गुमराह कर रही हैं। ये संशोधन सिर्फ झारखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में खनन व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए है।
मधु कोड़ा ने कहा कि JMM-कांग्रेस दुष्प्रचार कर रही है कि केंद्र राज्य के अधिकार छीन रही है और राजस्व का नुकसान होगा, जबकि संशोधित कानून में राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध की राजनीति छोड़ बंद पड़ी खदानों को चालू कराने पर ध्यान देना चाहिए। राज्य में कोयले की 24 खदानों की नीलामी हुई है, लेकिन 28 खदानें सरकार शुरू नहीं करा पाई। पश्चिमी सिंहभूम में ही 15 लौह अयस्क खदानें बंद पड़ी हैं। अगर ये खदानें चालू हों तो हजारों करोड़ का राजस्व बढ़ेगा।
पूर्व सीएम ने कहा कि झारखंड में लौह अयस्क पर 600 रुपये और कोयले पर 450 रुपये प्रति टन सेस/रॉयल्टी का बोझ है। पड़ोसी राज्यों में लागत कम होने से झारखंड के उद्योग पिछड़ रहे हैं और पिछले एक साल में 50 छोटी फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं, हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 2024 के आदेश के बाद राज्य ने उपकर कानून लाकर राजस्व तो कमाया, लेकिन इससे छोटे उद्योगों पर बुरा असर पड़ा।
(सबसे तीखा आरोप) :
मधु कोड़ा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बंद खदानों को चालू नहीं करने के पीछे अवैध खनन का बड़ा खेल है। JMM-कांग्रेस के नेता, मंत्री और अधिकारी अवैध खनन से आर्थिक लाभ ले रहे हैं, इसलिए वो एमएमआरडी संशोधन का विरोध कर रहे हैं।
रिपोर्टर : शहीद अंसारी

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