सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरहू के MTC केंद्र में पोषण माह के तहत स्थानीय साग-सब्जियों एवं मौसमी फलों की प्रदर्शनी आयोजित

खूँटी : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), मुरहू के पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में आज पोषण माह के अवसर पर पोषण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं उनके परिवारों को संतुलित और पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व को समझाना था।

इस कार्यक्रम में MOIC, BPM, BDM, सहिया, सहिया साथी, BTT तथा CINI संस्था के DPC श्री प्रशांत कुमार एवं GPS श्री नवीन गौंझू के सहयोग से पोषण संबंधी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

कार्यक्रम के दौरान MTC केंद्र में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न प्रकार के साग-सब्जियों, मौसमी फलों एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसके माध्यम से लोगों को बताया गया कि हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध स्थानीय साग-सब्जियाँ और मौसमी फल शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन में शामिल करके बच्चों एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

प्रदर्शनी के माध्यम से विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, स्थानीय साग, मौसमी फल, दालें, अनाज तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। साथ ही, परिवारों को अपने आसपास उपलब्ध स्थानीय खाद्य संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में MTC केंद्र की भूमिका पर भी जोर दिया गया। MTC केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल, पोषण संबंधी परामर्श तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों से कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समुदाय को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए प्रेरित करने में मदद मिलती है।

इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों, सहिया, सहिया साथी, BTT तथा CINI संस्था के प्रतिनिधियों ने पोषण संबंधी संदेशों को समुदाय तक पहुँचाने और बच्चों में कुपोषण की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने के महत्व पर बल दिया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पोषण केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और समुदाय की नियमित जिम्मेदारी है। स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन, संतुलित आहार, स्वच्छता और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर कुपोषण को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश:
“स्थानीय साग-सब्जियाँ अपनाएँ, मौसमी फल खाएँ और बच्चों को कुपोषण से बचाएँ। स्वस्थ बच्चा, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज ही पोषणयुक्त भारत की पहचान है।”

रिपोर्टर : शहीद अंसारी 

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