अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस पर द हंस फाउंडेशन ने चलाया जागरूकता अभियान

खूँटी : ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण और समग्र विकास के उद्देश्य से द हंस फाउंडेशन की संयुक्त पहल के तहत अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम मुखिया श्रीमती बिरजामनी सांगा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसमें जल सहियाओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, ग्रामीण महिलाओं, किशोरियों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान द हंस फाउंडेशन की चार प्रमुख परियोजनाओं—हंस वृक्ष शिक्षा परियोजना, हंस आजीविका परियोजना, हंस कम्युनिटी वेलनेस प्रोग्राम (एचसीडब्ल्यूपी) एवं जल, स्वच्छता और साफ-सफाई (वॉश) पहल तथा हंस मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू)—के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

माताओं की भूमिका और शिक्षा पर जोर

हंस वृक्ष शिक्षा परियोजना के तहत आयोजित गतिविधियों में महिलाओं को सम्मानित करने के साथ बच्चों की शिक्षा में माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। परियोजना प्रबंधक अंजलि कुमारी और परियोजना समन्वयक राहुल कुमार के नेतृत्व में टीम ने अभिभावकों को बच्चों की प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अभिभावकीय जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।

स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता का संदेश

हंस आजीविका परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने, स्वरोजगार अपनाने और परिवार की आय बढ़ाने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। परियोजना प्रबंधक राजेश कुमार और विषय विशेषज्ञ संजीत नाग ने महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमिता, स्थानीय बाजार से जुड़ने और ग्रामीण परिवेश के अनुकूल आय अर्जित करने के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन दिया।

मासिक धर्म स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल पर जागरूकता

एचसीडब्ल्यूपी एवं वॉश पहल के तहत महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा इससे जुड़ी सामाजिक झिझक और रूढ़ियों को दूर करने के लिए जागरूक किया गया। वरिष्ठ परियोजना समन्वयक प्रतिभा तिर्की और उनकी टीम ने इस विषय पर जानकारी दी।

वहीं, वॉश प्रतिनिधि सावन कुमार ने स्वच्छ पेयजल के उपयोग, पानी को शुद्ध करने के तरीकों और आसपास के वातावरण को साफ रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता और बेहतर स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने के महत्व के बारे में भी बताया।

स्वास्थ्य जांच के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा

हंस मोबाइल मेडिकल यूनिट की ओर से ग्रामीणों के लिए मौके पर ही ओपीडी सेवाएं, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। वरिष्ठ परियोजना समन्वयक निधि सबरन के नेतृत्व में स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं संचालित की गईं।

इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खेमराज मीणा ने मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र आयोजित किया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी सावधानियों तथा अपनाई जाने वाली अच्छी आदतों की जानकारी दी।

महिला सशक्तीकरण के लिए सामूहिक प्रयास

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना था। एक ही मंच पर विभिन्न परियोजनाओं के समन्वित प्रयासों के माध्यम से महिलाओं और उनके परिवारों के समग्र विकास का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि ग्रामीण महिलाएं सामाजिक और आर्थिक बदलाव की महत्वपूर्ण वाहक हैं। शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ग्रामीण समुदाय के सतत विकास को नई दिशा दी जा सकती है।

रिपोर्टर : शहीद अंसारी 

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