किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है ये संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

AKANSHA UAPDHYA

हमारी किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह खून से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करने, अतिरिक्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने और शरीर के कई जरूरी कार्यों में अहम भूमिका निभाती है। किडनी से जुड़ी परेशानी अक्सर शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देती। इसलिए शरीर में होने वाले कुछ बदलावों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

पेशाब में होने वाले बदलाव

बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में, पेशाब के रंग या मात्रा में बदलाव, झागदार पेशाब या पेशाब करते समय जलन जैसे लक्षण कई कारणों से हो सकते हैं। कुछ मामलों में ये किडनी या यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसे बदलाव लगातार बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हाथ-पैर या चेहरे पर सूजन

किडनी जब शरीर से अतिरिक्त सोडियम और पानी को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर के कुछ हिस्सों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है। इससे पैरों, टखनों, हाथों या चेहरे पर सूजन दिखाई दे सकती है। आंखों के आसपास बार-बार सूजन भी ध्यान देने योग्य लक्षण है।

लगातार थकान और कमजोरी

किडनी की बीमारी बढ़ने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इसके अलावा, किडनी की गंभीर बीमारी में एनीमिया भी हो सकता है। इन कारणों से लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

भूख कम लगना और जी मिचलाना

किडनी की कार्यक्षमता काफी कम होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थों का स्तर बढ़ सकता है। इससे भूख कम लगना, मतली, उल्टी या मुंह में स्वाद बदलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

त्वचा में खुजली और रूखापन

किडनी की गंभीर समस्या में त्वचा रूखी होने और खुजली की शिकायत हो सकती है। हालांकि, खुजली के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इस एक लक्षण के आधार पर किडनी की बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

सांस लेने में परेशानी

किडनी की गंभीर बीमारी में शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने पर सांस फूलने या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। एनीमिया भी कमजोरी और सांस फूलने में योगदान दे सकता है। सांस लेने में अचानक या गंभीर परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

कमर या साइड में दर्द

कमर या शरीर के किनारे दर्द हमेशा किडनी की बीमारी का संकेत नहीं होता। हालांकि, किडनी स्टोन या संक्रमण जैसी स्थितियों में साइड या पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। तेज दर्द के साथ बुखार, उल्टी या पेशाब में खून दिखाई दे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

किडनी की सेहत बनाए रखने के लिए कुछ आदतें मददगार हो सकती हैं:

    संतुलित और पौष्टिक आहार लें और अत्यधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करें।

    पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, लेकिन पानी की जरूरत हर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

    ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।

    नियमित शारीरिक गतिविधि करें और स्वस्थ वजन बनाए रखने की कोशिश करें।

    बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवाओं या अन्य दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल न करें।

    अगर आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी का जोखिम है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराएं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

पेशाब में लगातार बदलाव, शरीर में असामान्य सूजन, पेशाब में खून, लगातार कमजोरी, तेज कमर या साइड दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज न करें। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर आवश्यकतानुसार ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।जरूरी बात: इनमें से कई लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। केवल लक्षणों के आधार पर किडनी की बीमारी का स्वयं निदान न करें। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

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