कोहरे में किचन गार्डन का ध्यान कैसे रखें
कोहरे का मौसम अपने साथ ठंड, नमी और धुंध लाता है। ऐसे में घर के किचन गार्डन की सब्ज़ियाँ और हरी पत्तेदार पौधों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। अगर सही सावधानी न बरती जाए तो फसल पर फफूंदी, पत्तियों का पीला होना और पौधों की वृद्धि में रुकावट आ सकती है। इसलिए कोहरे के मौसम में किचन गार्डन की नियमित निगरानी और सही प्रबंधन बहुत जरूरी है।
1. सही जगह का चयन
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कोहरे में सूरज की रोशनी कम रहती है, इसलिए अपने किचन गार्डन को ऐसी जगह रखें जहाँ दिन के समय कम से कम 4-6 घंटे धूप मिल सके।
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बालकनी या छत पर पौधों को हल्की हवा और रोशनी वाली जगह पर रखें।
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पौधों को ज़मीन पर रखने के बजाय थोड़ा ऊँचा प्लेटफ़ॉर्म या टेबल पर रखें ताकि ओस और नमी से बचाव हो।
2. पानी देने की सावधानी
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कोहरे में नमी पहले से अधिक होती है, इसलिए रोजाना पानी देने की जरूरत नहीं।
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मिट्टी को देखकर ही पानी दें; अगर ऊपरी सतह नम है तो पानी न दें।
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दिन के समय हल्का पानी दें ताकि रात में मिट्टी बहुत गीली न रहे।
3. पौधों की सुरक्षा
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कोहरे में ओस लगने से पत्तियों पर धब्बे और फफूंदी लग सकती है।
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संवेदनशील पौधों (जैसे टमाटर, मिर्च, पालक) को हल्की कवरिंग या प्लास्टिक नेट से ढक सकते हैं।
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सुबह जल्दी बाहर काम करने से बचें जब कोहरा घना हो।
4. मिट्टी और खाद का ध्यान
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कोहरे में पौधों की जड़ें ठंडी रहती हैं। मिट्टी की ऊपरी सतह पर हल्का सूखा पुआल या भूसा डाल सकते हैं।
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जैविक खाद जैसे गोबर या कंपोस्ट का संतुलित उपयोग करें। ठंड में अधिक उर्वरक देने से पौधों को नुकसान हो सकता है।
5. रोग और कीट प्रबंधन
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ठंडी और नमी वाली हवा में कवक और फफूंदी जल्दी फैलती है।
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पत्तियों पर सफेद धब्बे, पीली पत्तियाँ या झुरझुरी दिखने पर तुरंत संक्रमित पत्तियाँ हटा दें।
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जैविक फफूंदी नाशक या नीम का स्प्रे उपयोग कर सकते हैं।
6. पौधों की छंटाई
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पुराने और खराब पत्तों को समय-समय पर हटा दें।
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इससे पौधों की हवा और रोशनी में सुधार आता है और फफूंदी का खतरा कम होता है।
7. बीज और पौधों का चुनाव
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ठंडे मौसम में टिकाऊ और जल्दी बढ़ने वाले पौधों को चुनें जैसे हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ (पालक, मेथी, मूली), मिर्च, टमाटर, धनिया।
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नए बीज बोते समय मिट्टी हल्की गर्म और नमी संतुलित रखें।
8. मौसम की निगरानी
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कोहरे और हल्की बारिश के समय मौसम का पूर्वानुमान देखें।
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ज़रूरत पड़ने पर पौधों को हल्की छतरी या शीट से ढकें।
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तेज़ ठंड या ओस से बचाने के लिए पौधों को रात में थोड़ा अंदर ला सकते हैं।

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