सतगावां अंचल कार्यालय में कागजात से छेड़छाड़ का आरोप, 20 सूत्री अध्यक्ष ने जांच की मांग की

कोडरमा :  सतगावां प्रखंड सह अंचल कार्यालय में सेवानिवृत्त पूर्व अंचलाधिकारी केशव प्रसाद चौधरी के नजारत कक्ष में पहुंचकर फाइलों की जांच करने का मामला सामने आया है। इसको लेकर 20 सूत्री अध्यक्ष विजय सिंह ने कागजातों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए जिला उपायुक्त से शिकायत करने और कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। वहीं, अंचल के नाजीर ने इसे पूर्व सीओ के पेंशन संबंधी कागजात की जांच से जुड़ा मामला बताया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को पूर्व अंचलाधिकारी केशव प्रसाद चौधरी सतगावां अंचल कार्यालय पहुंचे। बताया जाता है कि वह करीब ढाई महीने पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आरोप है कि वर्तमान अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति में वह नजारत कक्ष में गए और वहां रखी फाइलों को खोलकर कागजात देखने लगे। इस दौरान प्रखंड कार्यालय के उर्दू सहायक मो. रिजवी भी उनके पीछे-पीछे कक्ष में पहुंचे।

20 सूत्री अध्यक्ष विजय सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी सेवानिवृत्त अधिकारी को वर्तमान पदाधिकारी की अनुमति के बिना कार्यालय के महत्वपूर्ण कागजातों को देखने या उनमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त से करेंगे और जांच कर उचित कार्रवाई की मांग उठाएंगे।

विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि पूर्व सीओ के कार्यकाल से जुड़े कुछ मामले जिला न्यायालय और उच्च न्यायालय में लंबित हैं। उनके अनुसार, कुछ ग्रामीणों ने कथित गलत जमाबंदी समेत अन्य मामलों को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इन परिस्थितियों के मद्देनजर पूर्व सीओ के कार्यालय पहुंचने और फाइलें देखने के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

*नाजीर ने बताया पेंशन संबंधी कागजात का मामला*

दूसरी ओर, सतगावां अंचल के नाजीर उपेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व अंचलाधिकारी अपने पेंशन से संबंधित कुछ कागजात जमा करने के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे थे। उनके अनुसार, पूर्व सीओ नजारत कक्ष में उन्हीं कागजातों की जांच कर रहे थे।

*जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति*

वर्तमान में अंचलाधिकारी का प्रभार संभाल रहे सतगावां के बीडीओ मनोज कुमार रवि ने कहा कि पूर्व सीओ अपने किसी लंबित कार्य के सिलसिले में कार्यालय आए होंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह जिला मुख्यालय में बैठक में शामिल होने आए हैं। अंचल कार्यालय लौटने के बाद मामले की जांच करेंगे।

फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पूर्व अंचलाधिकारी किस उद्देश्य से नजारत कक्ष पहुंचे थे और फाइलों की जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।

रिपोर्टर : अनिल सिंह 

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