शिव जगत के गुरु, उनके शिष्य बनकर जीवन को बनाएँ सुखमय:- दिनेश कुमार
कोडरमा : चंदवारा प्रखंड के अंतर्गत मध्य विद्यालय मदनगुंडी के प्रांगण में स्थानीय गुरु भाइयों और बहनों द्वारा एक दिवसीय 'शिव गुरु परिचर्चा' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 'हर भोला हर-हर' और 'जागा-जागा महादेव' जैसे भक्तिमय जागृति भजनों के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।शिव को गुरु बनाने के लिए धन नहीं भाव की जरूरत परिचर्चा के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कोडरमा के दिनेश कुमार ने कहा कि इस आयोजन का एकमात्र लक्ष्य शिव को जन-जन का गुरु बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिव शिष्यता के जनक साहब श्री हरिंद्रानंद जी की बातों को गहराई से समझना होगा। रांची मुख्यालय से आए आदित्य कुमार, सरिता और भैया गौतम ने साहब श्री एवं दीदी नीलम आनंद का संदेश साझा करते हुए बताया कि भगवान शिव जगत के गुरु हैं और उनसे जुड़ने के लिए किसी दीक्षा या धन-दौलत की नहीं, बल्कि स्थायी शिष्य भाव की आवश्यकता है।भैया गौतम ने साहब श्री के जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए महादेव से जुड़ने के तीन अनिवार्य सूत्र बताए दया मांगना अपने गुरु भगवान शिव से स्वयं के लिए दया की याचना करना। अपने गुरु की महिमा और बातों को अन्य लोगों तक पहुँचाना अपने गुरु को 'नमः शिवाय' मंत्र के साथ सादर प्रणाम निवेदित करना। इस अवसर पर सुरेश पंडित, रामानुज सिंह, उमेश कुमार, राजेश, और नंदकिशोर सहित कई वक्ताओं ने शिव के गुरु स्वरूप को अपनाने पर पर बल दिया। कार्यक्रम में स्थानीय गुरु बहन बसंती, मंजू, आलोक, प्रीति, मुनिया और ललिता ने भी अपने विचार रखी l इस मौके पर सैकड़ों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग ली l
रिपोर्टर : गौतम कुमार

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