धुएं के प्रकोप से आमजनमानस बेहाल, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
कोडरमा : चंदवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत फ्लोर मिल से भुंडो जाने वाले मार्ग पर स्थित एक औद्योगिक प्लांट से निकल रहे काले धुएं ने आसपास के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर काला धुआं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र का वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाला घना धुआं कई किलोमीटर दूर तक फैल जाता है। सुबह और शाम के समय इसकी मात्रा अधिक होने के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले काले धुएं में सूक्ष्म कण (पार्टिकुलेट मैटर), कार्बन, सल्फर एवं अन्य हानिकारक तत्व मौजूद हो सकते हैं। इनके लगातार संपर्क में रहने से दमा (अस्थमा), ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों में संक्रमण, सांस संबंधी गंभीर बीमारियां, आंखों में जलन, एलर्जी, त्वचा रोग तथा हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर इसका प्रभाव और अधिक गंभीर हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। लोगों का कहना है कि खेतों और पेड़-पौधों पर भी धूल एवं धुएं की परत जम रही है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित विभागों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि विकास और उद्योग जरूरी हैं, लेकिन आम जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की कीमत पर नहीं। ऐसे में संबंधित विभागों को तत्काल हस्तक्षेप कर प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन सुनिश्चित कराना चाहिए ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण में जीवन जीने का अधिकार मिल सके।
संवाददाता : श्रवण कुमार
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