वन विभाग की मिलीभगत से जिले में हो रही अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी

मनेंद्रगढ़ :  जिले में लगातार अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं जिस पर प्रतिबंध लगाने एवं अवैध कटाई में संलिप अधिकारियों एवं अन्य लोगों पर कार्यवाही कराने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला प्रवक्ता सौरव मिश्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश के बड़े गिरोह भाजपा नेताओं और वन विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में जंगलों को उजाड़ रहे है, कुछ समय से लगातार अवैध रूप से वनों की कटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिले में राजकीय वृक्ष साल (सरई) सहित अन्य वृक्षों की की अवैध कटाई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।  

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता फूलमत बाई ने आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी निजी भूमि में लगे वनों को अवैध रूप से बाहर ले जाने के लिए काटा गया, उसकी अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृति के बिना जब्त कर लिया गया और लकड़ियों को डिपो ले जाने की बजाय तस्करों को बेचने की तैयारी की जा रही है। जिसकी शिकायत भी की गई है परंतु अब तक उसमें कोई कार्यवाही नहीं हुई है 

जिला प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा कि हाल ही में 28 अगस्त की आधी रात स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने एक ट्रक पकड़ा जिसमें अवैध लकड़ी भरी हुई थी लेकिन वन विभाग इस पूरे मामले को दबाने में जुटा रहा, चिरमिरी के प्रभारी रेंजर का बयान भी हैरान करने वाला रहा उन्होंने कहा कि लकड़ी वन विभाग की है और मनेंद्रगढ़ डिपो जा रही थी, लेकिन रास्ता भटक कर अंबिकापुर की ओर चली गई। मिश्रा ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि डिपो की विपरीत दिशा में स्थित उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले मार्ग पर लकड़ी से भरा ट्रक आखिर कैसे पहुंच गया? लकड़ी परिवहन के लिए विभाग के पास अपने चार ट्रक मौजूद हैं, फिर भी निजी ट्रक क्यों मंगवाया गया? यदि लकड़ी डिपो के लिए जा रही थी तो उसे रात के अंधेरे में पन्नी से ढककर क्यों भेजा गया? ट्रक में विभाग का कोई कर्मचारी क्यों नहीं था और लकड़ी पर विभागीय सील क्यों नहीं अंकित की गई थी। यदि सील अंकित थी तो विभाग ने उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया। वाहन चालक या विभागीय अधिकारी मौके पर आवश्यक दस्तावेज क्यों नहीं दिखा सके, जिससे ट्रक को करीब 12 घंटे से अधिक थाना परिसर में खड़ा रहना पड़ा। 

जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि जिले की वन संपदा लगातार उजड़ रही है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से जहां पर्यावरण और जलवायु पर बुरा असर पड़ रहा है, वहीं आदिवासियों और ग्रामीणों की जीवन-रेखा माने जाने वाले जंगल उजाड़े जा रहे हैं। यह केवल अवैध कारोबार नहीं बल्कि जिले की प्राकृतिक धरोहर के साथ सीधा अन्याय है।

कांग्रेस पार्टी ने कलेक्टर और प्रधान मुख्य वन संरक्षक से मांग की है कि बीते एक वर्ष में हुई सभी पेड़ कटाई और लकड़ी परिवहन की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जब्त लकड़ी को सुरक्षित डिपो में रखा जाए और नियमानुसार नीलामी की जाए। साथ ही जिले में विशेष निगरानी दल गठित कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने की व्यवस्था की जाए। कांग्रेस ने यह भी कहा है कि इतने बड़े स्तर पर प्रतिदिन अवैध रूप से वनों की कटाई का मामला सामने आते रहता है जो वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना संभव नहीं ही। अधिकारियों की मिलीभगत को नजरअंदाज करना जिले की प्राकृतिक संपदा के साथ विश्वासघात है और इस मामले में तुरंत कठोर कदम उठाए जाएं। 

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, जिला प्रवक्ता सौरव मिश्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू, जिला सोशल मीडिया प्रभारी भावेश जैन, सैफ नियाजी, निखिल यादव मौजूद रहे।

रिपोर्टर : मुस्ताक कुरैशी

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