पीपल्दा में वन विभाग और ठेकेदारों की जुगलबंदी पर बरसे विधायक चेतन पटेल
कोटा : पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों "हरियाली की आड़ में उजाड़" का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। विधानसभा में मुद्दे को गरमाते हुए विधायक चेतन पटेल ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पटेल ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विदेशी बबूल (जुली फ्लोरा) हटाने और पौधरोपण के नाम पर विभाग किसानों की खातेदारी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से उनके हकों पर बुलडोजर चला रहा है।
अवैध कटाई का ‘सिंडिकेट’ सक्रिय:
विधायक ने सदन को अवगत करवाया कि ईआरसीपी के तहत बन रहे नौनेरा डैम की भराव क्षमता वाले क्षेत्र में आने वाले प्लांटेशन की आड़ में ठेकेदार बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों—जैसे चम्बल ढीपरी, जाखडौद और किशोरपुरा—में हालत यह है कि ठेकेदारों की दादागिरी के आगे वन विभाग नतमस्तक है। यहाँ तक कि अवैध लकड़ी से भरे ट्रकों को पुलिस के हवाले करने का काम विभाग की बजाय खुद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कर रहे हैं।
सड़कें हुई छलनी, किसान बेहाल:
विधायक पटेल ने तंज कसते हुए पूछा कि ठेकेदारों के ओवरलोड ट्रकों ने जिन गांवों की सड़कें तोड़ दी हैं, उन्हें कौन ठीक करवाएगा? PWD विभाग या वन विभाग? उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने और किसानों की खड़ी फसलों को रौंदने वाले दोषियों पर सख्त
कार्रवाई की मांग की है।
चेतावनी:-
"यह केवल पीपल्दा की नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या बनती जा रही है। अगर जल्द ही अवैध कटाई पर रोक नहीं लगी और किसानों को उनकी जमीन का हक नहीं मिला, तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी।"
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया
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