अपराधों की आग में झुलसा कोटा: एक हफ्ते में 3 कत्ल से 'शिक्षा नगरी' शर्मसार, NCWC ने घेरा प्रशासन
कोटा : कोचिंग सिटी के नाम से विख्यात कोटा शहर इन दिनों अपराधियों की शरणस्थली बनता जा रहा है। शहर में बेखौफ बदमाशों द्वारा फैलाई जा रही दहशत और चरमराई कानून व्यवस्था के खिलाफ नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी (NCWC) ने हुंकार भरी है। प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ समाजसेवी आबिद खान और जिला अध्यक्ष नितिन गौतम के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिला कलेक्टर डॉ. पीयूष सामरिया को ज्ञापन सौंपा और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल दागे।
खून से लाल हुई सड़कें, सहमे शहरवासी
ज्ञापन सौंपते हुए जिला अध्यक्ष नितिन गौतम ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि महज सात दिनों के भीतर शहर में तीन-तीन हत्याएं होना प्रशासन की विफलता का प्रमाण है। कोटड़ी में गर्दन काटने की जघन्य वारदात, अनंतपुरा में सरेआम फायरिंग और उद्योग नगर में युवक की निर्मम हत्या ने शहर की आत्मा को झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं पर हमले, लूट और चोरी की घटनाएं आम हो चुकी हैं, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
खाकी पर सवाल: प्रदेश अध्यक्ष आबिद खान ने साधा निशाना
प्रदेश अध्यक्ष आबिद खान ने दो टूक शब्दों में कहा कि पुलिसकर्मियों का निलंबन इस बात की तस्दीक करता है कि सिस्टम में छेद है। उन्होंने मांग की कि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर कड़ा प्रहार जरूरी है। बदमाशों के बुलंद हौसले पुलिस की साख को बट्टा लगा रहे हैं।
प्रशासन की दो टूक: अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. पीयूष सामरिया ने पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के हौसले पस्त किए जाएंगे और शहर में शांति व सुरक्षा का माहौल दोबारा बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया


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