चंबल के बीहड़ों में फिल्मी थ्रिलर: पुलिस को देख 100 की रफ्तार से दौड़ी वर्ना, 13.50 लाख का डोडा चूरा छोड़ भागे तस्कर।

कोटा :  ग्रामीण पुलिस का 'ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस' कामयाब; हाई-स्पीड चेज के बाद 90 किलो मादक पदार्थ और लग्जरी कार जप्त।

कोटा ग्रामीण पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी करते हुए 'ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आधी रात को फिल्मी अंदाज में पीछा कर एक सफेद वर्ना कार को घेरा, जिससे 90.012 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 13.50 लाख रुपये आंकी जा रही है।

आधी रात का 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा

घटना 12 मार्च की रात की है, जब सिमलिया थाना पुलिस 8-लाइन कराहड़िया पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार वर्ना कार वहां पहुंची। पुलिस का जाब्ता देख तस्करों के होश उड़ गए और उन्होंने कार को वापस घुमाकर फोरलेन की तरफ भगा दिया। पुलिस ने भी तुरंत पीछा शुरू किया। करीब कई किलोमीटर तक चली इस 'हाई-स्पीड चेज' के बाद तस्कर खुद को घिरता देख छीपबड़दा गांव के पास कार छोड़कर चंबल नदी के गहरे बीहड़ों और जंगलों की तरफ भाग निकले।

एक कार, दो पहचान: शातिर था तस्करों का प्लान
पुलिस को कार की तलाशी के दौरान चौंकाने वाली जानकारी मिली। तस्कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी नंबर प्लेट्स का इस्तेमाल कर रहे थे। कार पर HR 13 P 2200 नंबर की प्लेट लगी थी, जबकि गाड़ी के अंदर RJ 20 CF 7663 नंबर की दूसरी प्लेट छिपाकर रखी गई थी। पुलिस अब इस गाड़ी के असली मालिक का पता लगाने में जुटी है।

एसपी सुजीत शंकर की टीम का एक्शन पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देशन में बनी विशेष टीम (थानाधिकारी सिमलिया नंदसिंह, थानाधिकारी दीगोद अमर सिंह और उनकी टीम) ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।


"अवैध कारोबार पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। तस्कर चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, वे कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। बीहड़ों में तलाशी अभियान जारी है।"
 सुजीत शंकर, एसपी, कोटा ग्रामीण

रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया

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