कोटा पुलिस का बड़ा 'सर्जिकल स्ट्राइक': कोहिनूर 0007 गैंग के 10-10 हजारी इनामी दबोचे, इंदौर से आई 'मौत की खेप' बरामद
कोटा : कोटा शहर में खौफ का पर्याय बनने की कोशिश कर रही ‘कोहिनूर 0007 गैंग’ की कमर तोड़ते हुए बोरखेड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने न केवल गैंग के दो मुख्य और 10-10 हजार के इनामी बदमाशों को दबोचा, बल्कि उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल शहर में अपराध पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बोरखेड़ा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इंदौर से हथियारों की एक बड़ी खेप कोटा पहुंची है। पुलिस ने तुरंत टीम गठित कर नाकाबंदी की और घेराबंदी कर रोनू उर्फ रोनक मेरोठा और लोकेश मीणा को दबोच लिया। तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गईं; इनके पास से 6 चमचमाती देशी पिस्टल, 2 देशी कट्टे और 12 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
इंदौर कनेक्शन:- एमपी से कोटा तक फैला नेटवर्क
पकड़े गए बदमाशों ने कबूल किया है कि वे ये हथियार मध्य प्रदेश के इंदौर से लाए थे। इन हथियारों को कोटा शहर और ग्रामीण इलाकों के छोटे-बड़े अपराधियों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस अब उस मुख्य सप्लायर की तलाश में इंदौर दबिश देने की तैयारी कर रही है जिसने यह 'मौत का सामान' उपलब्ध कराया था।
"अपराधियों के लिए कोटा में कोई जगह नहीं है। 'कोहिनूर 0007' जैसी गैंग्स पर हमारी पैनी नजर है। इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी एक बड़ी कामयाबी है। हम इस पूरे तस्करी नेटवर्क की जड़ तक जाएंगे और हर मददगार को सलाखों के पीछे भेजेंगे।"
— पुलिस अधीक्षक, तेजस्विनी गौतम कोटा शहर
"पकड़े गए दोनों बदमाश शातिर हैं और उन पर पहले से इनाम घोषित था। ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या गैंगवार की फिराक में थे। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है और रिमांड के दौरान इनसे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।"
— अनिल कुमार टेलर थानाधिकारी, बोरखेड़ा
संवाददाता : सुरेश कुमार पटेरिया

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