अयाना की 'सुपर गर्ल' खनक राठौर का नेशनल धमाका: IGT से 'खेलो।
कोटा - ग्रामीण के अयाना कस्बे की बालिका कहते हैं कि प्रतिभा को फलने-फूलने के लिए बड़े शहर की जरूरत नहीं होती, बस हौसलों में उड़ान होनी चाहिए। राजस्थान के छोटे से कस्बे अयाना की रहने वाली खनक राठौर आज इसी कहावत का जीवंत उदाहरण बन चुकी हैं। लिटिल स्टार इंग्लिश स्कूल की कक्षा 8वीं की इस छात्रा ने अपनी छोटी सी उम्र में वो मुकाम हासिल कर लिए हैं, जो अच्छे-अच्छों का सपना होता है। टीवी स्क्रीन से खेल के मैदान तक का 'सुनहरा सफर' खनक की बहुमुखी प्रतिभा का जादू देश के सबसे बड़े रियलिटी शो 'इंडियाज गॉट टैलेंट' (IGT) में देखने को मिला, जहाँ उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस से जजों को हैरान कर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। लेकिन खनक यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने खेल के मैदान में भी अपनी धाक जमाई और 'खेलो इंडिया' ( Khelo India Beach Games) में दो बार नेशनल लेवल पर प्रतिनिधित्व कर राजस्थान का गौरव बढ़ाया। थर्ड आई' की अद्भुत शक्ति: बंद आँखों से पहचान लेती हैं दुनिया खनक की सबसे हैरान कर देने वाली प्रतिभा उनकी मानसिक एकाग्रता है। 'ब्रेन जिम' और 'थर्ड आई' तकनीक में माहिर खनक बंद आँखों से भी चीजों को पहचानने और महसूस करने की विलक्षण शक्ति रखती हैं। उनकी इस 'सुपर पावर' को देखकर हर कोई दंग रह जाता है।
जयपुर में 'लीडरशिप बाय नारी अवार्ड - 2026' से नवाजी गईं खनक की इन्हीं उपलब्धियों और समाज को प्रेरित करने वाले उनके जज्बे को देखते हुए हाल ही में जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें "Leadership by Naari Award - 2026" से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें स्किल शिक्षा, ताज़ातॉक्स मीडिया और अल्पर्ज़ क्लब जैसी बड़ी संस्थाओं द्वारा उनके असाधारण नेतृत्व कौशल के लिए दिया गया। अयाना की शान, युवाओं की प्रेरणा एक छोटे से कस्बे से निकलकर नेशनल टीवी और नेशनल स्पोर्ट्स तक पहुँचने वाली खनक आज प्रदेश के लाखों बच्चों के लिए 'रोल मॉडल' बन गई हैं। उनके माता-पिता और शिक्षकों का कहना है कि खनक की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और कभी न हार मानने वाले जज्बे का परिणाम है।
संवाददाता - सुरेश कुमार पटेरिया

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