स्विफ्ट कार से कर रहे थे तस्करी, पुलिस की घेराबंदी देख उड़े होश; नागौर के दो सप्लायर गिरफ्तार
कोटा : कोटा ग्रामीण सिमलिया पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ 'ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस' के तहत अब तक की सबसे बड़ी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सिमलिया थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने एक संयुक्त और साहसिक ऑपरेशन में 101 किलो 414 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद कर दो बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
फिल्मी स्टाइल में घेराबंदी:- भागने की हर कोशिश नाकाम कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। जानकारी के अनुसार, सिमलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाल बिछाया हुआ था। इसी दौरान एक संदिग्ध सिल्वर मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार तेज़ रफ्तार में आती दिखी। पुलिस की नाकाबंदी को देख तस्करों के पसीने छूट गए और उन्होंने बीच सड़क से ही गाड़ी को घुमाकर भागने की कोशिश की। लेकिन सतर्क पुलिस बल ने चारों तरफ से घेराबंदी कर तस्करों को कार समेत दबोच लिया।
कार बनी 'नशे का गोदाम'
जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। कार की डिक्की और सीटों के नीचे डोडा चूरा ठसाठस भरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत गाड़ी और माल को जब्त कर लिया। पकड़े गए आरोपी बनवारी विश्नोई (40) और सुरेश विश्नोई (38) दोनों ही मेड़ता रोड, नागौर के रहने वाले हैं और लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त बताए जा रहे हैं।
टीम की 'सुपरहिट' परफॉर्मेंस:- इस कार्रवाई में सिमलिया थानाधिकारी नन्दसिंह और DST प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद की टीम ने असाधारण सूझबूझ दिखाई। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि नशे का यह 'जहर' कहाँ से लाया गया था और इसका मुख्य 'मास्टरमाइंड' कौन है।
"नशे के कारोबारियों के लिए कोटा में कोई जगह नहीं है। अपराधियों में भय पैदा करना ही हमारा संकल्प है और यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है।"
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया

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