कूनो के 'किंग' की राजस्थान में दस्तक,पार्वती नदी लांघकर इटावा पहुंचा चीता, दो राज्यों की टीमों ने घेरा
इटावा : मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला एक 'रफ़्तार का सौदागर' अब राजस्थान की सरहदों में दाखिल हो गया है। इटावा क्षेत्र के आलापुर-किशनपुरा इलाके में चीते की आहट ने न केवल ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है, बल्कि वन विभाग के महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है।
सरहद पार का 'साहसिक' सफर खबर है कि यह चीता मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की सीमाएं लांघकर और उफनती पार्वती नदी को पार कर राजस्थान के इटावा और खातौली बेल्ट में पहुंच गया है। चीते की इस लंबी छलांग ने वन्यजीव विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।
हाई-अलर्ट पर 'मिशन रेस्क्यू'जैसे ही चीते के मूवमेंट की पुष्टि हुई, राजस्थान और मध्य प्रदेश की वन विभाग की टीमें 'एक्शन मोड' में आ गईं।
ज्वाइंट ऑपरेशन: कूनो सेंचुरी की स्पेशल टीम और स्थानीय इटावा-खातौली की टीमें लोकेशन ट्रैक कर रही हैं।
हाई-टेक निगरानी: चीते की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि उसे सुरक्षित तरीके से वापस उसके घर (कूनो) भेजा जा सके।
खौफ के साये में ग्रामीण, प्रशासन ने दी चेतावनी
चीते की मौजूदगी की खबर से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी करवाकर लोगों को सावधान किया है:
खेतों से दूरी: अकेले या रात के समय खेतों की ओर न जाएं।
भीड़ न लगाएं: चीता दिखने पर उसके पास जाने या सेल्फी लेने की कोशिश न करें, यह जानलेवा हो सकता है।
वन विभाग का कहना है: "हमारी प्राथमिकता चीते और इंसान, दोनों की सुरक्षा है। टीम लगातार पीछे लगी हुई है और जल्द ही उसे ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर या सुरक्षित तरीके से वापस ले जाया जाएगा।"
संवाददाता : सुरेश कुमार पटेरिया

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