खाकी का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप': CFCL टाउनशिप में करोड़ों की डकैती का मास्टरमाइंड राहुल सोनी दबोचा

कोटा - ग्रामीण सिमलिया चंबल फर्टिलाइजर्स (CFCL) टाउनशिप में बीते दिसंबर माह में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज नकबजनी के मामले में कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के कुशल निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मामले के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड राहुल सोनी (निवासी जोबट, अलीराजपुर, MP) को उज्जैन के एक गुप्त ठिकाने से धर दबोचा। आरोपी पर कोटा ग्रामीण और झालावाड़ पुलिस द्वारा कुल 22,000 रुपये का इनाम घोषित था।

फरारी के दौरान 'गिरगिट' की तरह बदलता रहा ठिकाने

शातिर आरोपी राहुल सोनी वारदात के बाद से ही पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे सुदूर राज्यों में अपनी पहचान छुपाकर फरारी काट रहा था। पुलिस की साइबर सेल और मुखबिरों की टीम ने उसकी हर हरकत पर पैनी नजर रखी। अंततः पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उज्जैन में किराए का कमरा लेकर रह रहा है, जहाँ घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।

दो रातों में मचाया था कोहराम:-

किलो के भाव पार किए जेवरात आरोपी ने टाउनशिप के दो रसूखदार घरों को निशाना बनाकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी थी।

पहली वारदात (मकान B-18):- राजकुमार मित्तल के घर से चोरों ने 12 किलो चांदी, 325 ग्राम सोना और 5.30 लाख रुपये नकद पार किए थे।

दूसरी वारदात (मकान B-19):-

अशोक कुमार छिपा के घर से 460 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी के आभूषण चोरी हुए थे। साइबर सेल और जांबाज टीम की जुगलबंदी इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण और वृत्ताधिकारी राजेश ढाका के सुपरविजन में सिमलीया थानाधिकारी नन्द सिंह और साइबर सेल के भूपेन्द्र हाडा की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने पूर्व में ही चोरी का माल खरीदने वाले संजय सोनी, हार्दिक सोनी और राज सोनी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य कड़ी (राहुल सोनी) फरार था। "अपराध की दुनिया कितनी भी गहरी हो, कानून के हाथ वहां तक पहुँच ही जाते हैं। राहुल सोनी की गिरफ्तारी न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि इससे चोरी गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी की राह भी आसान हो गई है।"

रिपोर्टर - सुरेश कुमार पटेरिया 

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