देश के दिल दिल्ली में गूंजा— "जय भारत, जय संविधान" का नारा
कोटा : राजधानी दिल्ली की सड़कें रविवार को नीले और तिरंगे झंडों से पट गईं, जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के आह्वान पर 'संविधान संकल्प रैली' का आयोजन किया गया। रामलीला मैदान से शुरू होकर उधमपुर तक निकली इस ऐतिहासिक रैली ने पूरे देश को एकता और अखंडता का कड़ा संदेश दिया।
नेताओं ने भरी हुंकार:
रैली का नेतृत्व एआईसीसी (SC/ST) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, राजस्थान पिछड़ा वर्ग की अध्यक्ष ममता भूपेश और नेशनल कांग्रेस वर्कर्स कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष आबिद खान ने किया। हाथ में बाबा साहेब की संविधान पुस्तक लिए नेताओं ने साफ किया कि देश का भविष्य सिर्फ और सिर्फ संविधान की रक्षा में ही सुरक्षित है।
राहुल गांधी और दिग्गजों का संदेश:
नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने अपने कड़े संदेश में कहा, "जिस तरह हमने देश को अंग्रेजों से आजाद कराया था, उसी तरह आज देश को सांप्रदायिक ताकतों से मुक्त कराना होगा, तभी सच्चा विकास संभव है।" वहीं, पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने वर्तमान माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि देश के सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
लहू का कोई धर्म नहीं होता – आबिद खान:
प्रदेश अध्यक्ष आबिद खान ने रैली को संबोधित करते हुए दिल छू लेने वाली बात कही। उन्होंने कहा, "जब हमारा लहू बहता है, तो वह किसी धर्म या जाति का नहीं, बल्कि 'हिंदुस्तानी' लहू होता है।" प्रदेश महासचिव मोहनलाल कोहली ने भी बाबा साहेब के विचारों और आचरण को अपनाने पर जोर दिया।
रैली का मुख्य उद्देश्य:
इस रैली के जरिए दिल्ली के कोने-कोने में संविधान का संदेश पहुंचाया गया। ममता भूपेश ने कहा कि हमारा उद्देश्य देश को अखंडता और भाईचारे के रास्ते पर ले जाना है। युवाओं को प्रेरित करते हुए नेताओं ने आह्वान किया कि वे बाबा भीमराव अंबेडकर की नीतियों को अपने जीवन में उतारें और एक मजबूत भारत के निर्माण में भागीदार बनें।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया


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