आधी रात को गूंजा 'ऑपरेशन अमरकुआ', वन माफिया के मंसूबों पर फिरा पानी!
कोटा : DCF अपूर्व कृष्णन श्रीवास्तव के निर्देश पर बड़ी चोट; रेंजर गौरव मीणा की टीम ने जंगल के बीच घेराबंदी कर पकड़ी बोरिंग मशीन।
मंडाना ग्रामीण कोटा के जंगलों में घुसपैठ और अवैध संसाधनों का दोहन करने वालों की अब खैर नहीं है। उप वन संरक्षक (DCF) श्री अपूर्व कृष्णन श्रीवास्तव के 'जीरो टॉलरेंस' अभियान ने जंगल के दुश्मनों की नींद उड़ा दी है। ताजा मामला मंडाना रेंज का है, जहाँ विभाग की जांबाज टीम ने आधी रात को घने जंगलों के बीच चल रहे अवैध बोरिंग के खेल का पर्दाफाश किया है।
अंधेरे का फायदा उठा रहे थे माफिया, विभाग ने बिछाया जाल
मंडाना रेंज के गांव अमरकुआ कोलाना में वन भूमि को छलनी करने की साजिश रची जा रही थी। सूचना मिलते ही रेंजर गौरव मीणा के नेतृत्व में एक 'स्ट्राइक टीम' तैयार की गई। 30 अप्रैल की काली रात में जब माफिया निश्चिंत होकर बोरिंग मशीन चला रहे थे, तभी डोलिया नाका प्रभारी भरत लाल गुर्जर और वनरक्षक दिलीप जी ने टीम के साथ चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। अचानक हुई इस दबिश से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके से मशीन जब्त, राजतहवील में ली गई
वन विभाग की मुस्तैदी का आलम यह था कि मशीन को हिलने तक का मौका नहीं दिया गया। टीम ने भारी भरकम बोरवेल मशीन को तुरंत जब्त कर राजतहवील में ले लिया। यह कार्यवाही न केवल अवैध खनन और अतिक्रमण पर अंकुश लगाएगी, बल्कि उन लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है जो वन संपदा को अपनी जागीर समझते हैं।
जंगल के 'रक्षक' तैनात:
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान महज एक शुरुआत है। कोटा जिले की वन भूमि पर अवैध परिवहन हो या अतिक्रमण, वन विभाग की 'ईगल आई' हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। रेंजर गौरव मीणा की इस जांबाज कार्यवाही की उच्चाधिकारियों ने भी सराहना की है।
रिपोर्टर : सुरेश कुमार पटेरिया

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