खूनी 'लव ट्राएंगल' का खौफनाक अंत

खूनी 'लव ट्राएंगल' का खौफनाक अंत: जिस फौजी ने सरहद पर सीने पर झेली गोलियां, घर में अपनों ने ही घोंट दिया उसका दम

कोटा - शहर मे जुर्म की तहकीकात कोटा के आर.के. पुरम में हुई सेना के रिटायर्ड जवान मनोज कुमार शर्मा की हत्या महज एक 'क्राइम न्यूज' नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के कत्ल की वो दास्तां है जिसने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ देश के लिए मर-मिटने वाला जज्बा था, तो दूसरी तरफ बेवफाई और धोखे का वो खूनी दलदल, जिसमें एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया।

साजिश की 'शतरंज': - आधी रात को बिछाई गई मौत की बिसातजांच में खुलासा हुआ कि मनोज की पत्नी दीपिका और उसके प्रेमी देवेश के बीच चल रहा अवैध संबंध इस पूरे कत्ल की जड़ था। जब मनोज उनके बीच 'दीवार' बनने लगा, तो कातिलों ने उसे रास्ते से हटाने के लिए एक ऐसी साजिश रची जो किसी थ्रिलर फिल्म से भी ज्यादा भयानक थी। 30 अप्रैल की उस काली रात को, घर की चारदीवारी के भीतर ही 'अपनों' ने मिलकर उस फौजी का गला घोंट दिया, जिसने कभी देश की हिफाजत की कसम खाई थी।

परफेक्ट मर्डर का 'फ्लॉप शो': श्मशान ले जाने की थी तैयारीकातिल इतने शातिर थे कि उन्होंने शव को पलंग पर लिटाकर उसे 'साधारण मौत' का रंग देने की पूरी कोशिश की। उनकी योजना सुबह होते ही अंतिम संस्कार कर सबूतों को राख में मिलाने की थी। लेकिन कहते हैं कि 

"गुनाह कितना भी गहरा हो, सच की रोशनी उसे ढूंढ ही निकालती है।" 

कोटा पुलिस की पैनी नजरों ने गले के एक छोटे से निशान को पकड़ लिया और देखते ही देखते 'परफेक्ट मर्डर' का सारा खेल ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।कोटा पुलिस का 'सुपरह्यूमन' प्रयास: खेतों में खदेड़कर दबोचाइस मामले में कोटा पुलिस की मुस्तैदी काबिल-ए-तारीफ रही।


 जब मुख्य आरोपी देवेश शर्मा हिण्डौन सिटी के खेतों में छिपकर पुलिस को चुनौती दे रहा था, तब सिपाही तनवर सिंह और वीरेंद्र सिंह ने जान की बाजी लगाकर उसे फिल्मी स्टाइल में दबोच लिया। SP तेजस्वनी गौतम के कुशल नेतृत्व और ASP दिलीप सैनी की रणनीति ने यह साबित कर दिया कि कोटा में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।वर्दी का सम्मान, कातिल को अंजामआज पूरा शहर इन जांबाज पुलिस अधिकारियों को सलाम कर रहा है जिन्होंने महज 24 घंटों में इस 'ब्लाइंड मर्डर' का पर्दाफाश किया।

 यह खबर समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि अनैतिक रास्तों का अंत हमेशा सलाखों के पीछे ही होता है।

संवाददाता सुरेश कुमार पटेरिया

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.