कुफरी जामुनिया: बैंगनी आलू की सफल खेती कैसे करें

कुफरी जामुनिया (Kufri Jamunia) एक लोकप्रिय बैंगनी रंग की आलू की किस्म है। इसका रंग गहरा बैंगनी होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। यह किस्म विशेष रूप से उत्तर भारत के ठंडे क्षेत्रों में अच्छी तरह उगाई जाती है।

1. मौसम और जलवायु

यह किस्म ठंडे मौसम में बेहतर उगती है।
आदर्श तापमान: 15–20°C
अधिक गर्मी में ट्यूबर (आलू) का विकास प्रभावित हो सकता है।

2. मिट्टी की आवश्यकता

अच्छी जल निकासी वाली दोमट या हल्की बलुई मिट्टी सर्वोत्तम।
मिट्टी का pH लगभग 5.5–6.5 होना चाहिए।
भारी, जलभराव वाली मिट्टी में उत्पादन कम होता है।

3. बीज और बुवाई

बीज: स्वस्थ, रोगमुक्त ट्यूबर का चयन करें।
बुवाई का समय: नवंबर–दिसंबर (सर्दियों में)
दूरी: पंक्ति में 60–70 सेमी और पौधे के बीच 20–25 सेमी रखें।

4. सिंचाई और खाद

नियमित सिंचाई आवश्यक, विशेषकर अंकुरण और फूल आने के समय।
जैविक खाद (गोबर की खाद) और नाइट्रोजन युक्त उर्वरक संतुलित मात्रा में डालें।
फॉस्फोरस और पोटाश भी अच्छी पैदावार के लिए जरूरी हैं।

5. रोग और कीट नियंत्रण

प्रमुख रोग: लेफ्ट ब्लाइट, ब्लैक स्पॉट
प्रमुख कीट: आलू पतंगा, राइज़ोटोनिया
बीज उपचार और उचित कीटनाशक का इस्तेमाल जरूरी है।

6. फसल कटाई और भंडारण

बुवाई के 90-120 दिन बाद ट्यूबर तैयार होते हैं।
कटाई के बाद धूप में सुखाकर ठंडे, अंधेरे स्थान पर संग्रह करें।
Kufri Jamunia आलू को लंबा समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

कुफरी जामुनिया बैंगनी आलू की किस्म न केवल बाजार में अच्छा मूल्य देती है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद है। सही बुवाई, सिंचाई और रोग नियंत्रण से किसान उच्च उत्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकते हैं।

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