भूख बनाम व्यवस्था:सीटीपीएस गेट पर अनिश्चितकालीन अनशन, सफाई कर्मियों ने खोला मोर्चा

सोनभद्र : ओबरा तापीय परियोजना (सीटीपीएस) में निकाले गए सफाई कर्मियों की समस्याओं को लेकर विवाद अब गहराता जा रहा है। वर्षों से कार्यरत श्रमिकों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों और श्रमिक संघ का आरोप है कि 30 से 35 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें अचानक कार्य से बाहर कर दिया गया, जिससे उनके सामने भूखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

संघ के अनुसार, इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई बार पत्राचार और अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए ठेकेदार मे० डी० डी० सिंह के लोगों द्वारा श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित 424 रुपये प्रतिदिन के बजाय मात्र 300 रुपये दैनिक मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, कुछ श्रमिकों को 4-5 दिन काम कराने के बाद फिर से बाहर कर दिया गया।
मामले में संघ द्वारा नियमानुसार नोटिस देने के साथ ही 23 मार्च 2026 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, बल्कि श्रमिकों के उत्पीड़न में और बढ़ोतरी हो गई। इससे आक्रोशित होकर श्रमिकों ने 25 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से सीटीपीएस गेट पर 24 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
अनशन कर रहे श्रमिकों की प्रमुख मांगों में निकाले गए कर्मचारियों की पुनः बहाली, सभी टेंडरों में श्रमिकों की संख्या एवं ईपीएफ विवरण सार्वजनिक करना, भुगतान की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारी को नामित करना तथा ईपीएफ कटौती और जमा की पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। फिलहाल सीटीपीएस गेट पर चल रहे इस अनशन ने प्रशासन और प्रबंधन की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

रिपोर्टर : कुम्धज चौधरी

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