मिड डे मील के बाद नौनिहालों से करवाई जा रही थाली सफाई, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कुशीनगर : कुशीनगर जिले के मोतीचक विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां कम उम्र के मासूम बच्चे मिड डे मील का भोजन करने के बाद कड़ाके की ठंड में खुद अपनी थाली धोते नजर आए। यह दृश्य देख हर जिम्मेदार व्यक्ति की संवेदनाएं झकझोर उठीं।
विद्यालय परिसर में लगे इंडिया मार्का सरकारी हैंडपंप पर कुछ बच्चे नल चलाते दिखे तो कुछ बच्चे अपने हाथों से थाली धोते नजर आए। यह कार्य विद्यालय की रसोइयों द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन यहां बच्चों से ही यह जिम्मेदारी निभवाई जा रही है। गौरतलब है कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील योजना के अंतर्गत भोजन पकाने और जूठे बर्तन साफ करने के लिए रसोइया नियुक्त किए जाते हैं।
जब इस संबंध में प्रधानाध्यापक राधेश्याम से बात की गई तो उन्होंने इसे ‘स्वच्छता अभियान का हिस्सा’ बताया। हालांकि, ठंड के मौसम में छोटे बच्चों से बर्तन धुलवाना न सिर्फ अमानवीय है बल्कि सरकारी नियमों का भी खुला उल्लंघन है।
मामले को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावर ने स्पष्ट कहा कि मिड डे मील के बाद थाली धोने का कार्य रसोइयों का है, बच्चों का नहीं। यदि ऐसा मामला सामने आया है तो इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और मिड डे मील योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
रिपोर्टर : सत्यनारायण चौरसिया

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