कुशीनगर पर्यटन पर प्रथम शोध: हिमांशु शेखर को पर्यटन प्रबंधन में डॉक्टरेट की उपाधि
कुशीनगर : कुशीनगर जनपद के लिए गौरव का विषय बनते हुए वीर अब्दुल हमीद नगर, वार्ड संख्या–12, कसया निवासी एवं श्री प्रमोद तिवारी के सुपुत्र डॉ. हिमांशु शेखर ने पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) से पर्यटन प्रबंधन विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।
उनका शोध प्रबंध “A Study on Tourist Destination Image of Kushinagar, Uttar Pradesh”(उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के पर्यटन गंतव्य छवि का अध्ययन) विषय पर आधारित है, जो कुशीनगर पर्यटन पर प्रथम विस्तृत एवं वैज्ञानिक शोध कार्य माना जा रहा है। यह शोध प्रबंध विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित प्राध्यापक डॉ. रोहित रविंद्र बोरलीकर के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ।
डॉ. हिमांशु शेखर वर्तमान में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके इस शोध से कुशीनगर के पर्यटन विकास, ब्रांडिंग एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. हिमांशु शेखर की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे कुशीनगर जिले के लिए गर्व का विषय है।
रिपोर्टर : सुरेन्द्र प्रसाद गोंड

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