मां कंकाली देवी मंदिर क्षेत्र का ऐतिहासिक धरोहर

कुशीनगर : तहसील तमकुहीराज क्षेत्र के  सिंदुरिया बुजुर्ग स्थित मां कंकाली देवी मंदिर परिसर ऐतिहासिक धरोहर है। गणतंत्रीय व्यवस्था और राजतंत्रीय व्यवस्था का जीवंत सबूत है। मां कंकाली परिसर में मां भगवती सात शेरों द्वारा धान की दंवरी कराती थीं। और इस चावल से प्रसाद बनता था। तत्कालीन सिंदुरीगढ़ के राजा मनन सिंह की हठधर्मिता की वजह से मां भगवती रहसू गुरु के मस्तक को फाड़कर प्रकट हुई थी जिससे राजा के साथ उनका समूल नाश हो गया। सिंदरीगढ़ की मां कंकाली के विषय में माना जाता है और आम लोगों में चर्चा है जो भी मन से मन्नत मां से मांग ले मां देने में देर नहीं करती है। आज 23 मार्च विगत वर्ष जो सफल यज्ञ हुआ था उसकी वर्षगांठ के अवसर पर संकीर्तन,रामायण पाठ और रामलीला का दर्शन हजारों की संख्या में भक्तगण और श्रद्धालुगण करेंगे। श्रद्धालुओं और भक्तगणों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।इस अवसर पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष पूर्व प्रधान बिजली प्रसाद यादव, बबलू तिवारी,बासुदेव गुप्ता,,जगदीश प्रसाद, अशोक कुमार यादव, लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, राजकुमार राव, दरोगा राय, अखिलेश शर्मा, उमेश मद्धेशिया, नथूनी यादव, सुनील पटेल, बलिराम चौहान, जंत्री गोंड़, वाल्मीकि मद्धेशिया, बृक्षा कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : सुरेन्द्र प्रसाद गोंड

 

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