निपुण भारत मिशन की हकीकत परखी, बच्चों से सवाल पूछकर जांचा सीखने का स्तर

कुशीनगर : हाटा विकास खंड क्षेत्र के आधा दर्जन परिषदीय विद्यालयों में शनिवार को निपुण भारत मिशन के जिला समन्वयक मदेरेन्दु शुक्ला ने औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सीधे संवाद किया और हिंदी, गणित तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके सीखने के स्तर का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक ने प्राथमिक विद्यालय तमासपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय तुरकवलिया दरिवाय सिंह सहित अन्य विद्यालयों का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों को डेक्स बोर्ड पर प्रश्न हल करने के लिए बुलाया। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए, जिस पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कक्षा संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण कार्य तथा निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली तथा विद्यालयों के अभिलेखों की भी जांच की।
जिला समन्वयक ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन किया जाए। जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में कठिनाई हो, उनके लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग और अतिरिक्त अभ्यास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी बच्चा बुनियादी शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को भाषा और गणित की आधारभूत दक्षताओं से सशक्त बनाना है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित मूल्यांकन और शिक्षक की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना सभी शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक, शिक्षिका प्रीति पाल, शिक्षा विभाग के एआरपी अनुराग सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : सत्यनारायण चौरसिया

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