अपने ही कुछ साथियो के धनलोलुपता के वजह से कर्तब्य पथ पर अडिग एक युवा सिपाही के सपनों ने दम तोड़ा

कुशीनगर : बिहार सीमा से सटे थानो से होकर बिना आई एस टी पी के गुजरने वाली हर रोज दो सौ से ऊपर बालू ट्रको के लिए जाँच का अभियान डीएम और पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाया जा रहा इससे तुलनात्मक रूप से देखा जाये तो निश्चित रूप से राजस्व में बृद्धि हुई है लेकिन इसके बावजूद थाने पर मौजूद कुछ सिपाहियों और साहब लोगो के माध्यम से धंधेबाज लगातार पैसा देकर चार घन मीटर, सात घन मीटर और चौदह घन मीटर का आईएसटीपी कटाकर अपनी गाड़ियों को निकालते रहे है। अभी कल ही एक बालू के धंधेबाज द्वारा बहादुरपुर चौकी के तरफ से बालू लदी ओवरलोड ट्रक निकाला गया जिसे पकड़ा गया था उसके बाद ट्रक मालिक द्वारा बातचीत का एक आडियो क्लिप सामने आया जिसमे वह स्पष्ट रूप से कह रहा है कि वह सिपाही संदीप गौड़ से मैनेज कर 25 घन मीटर के जगह 14 घन मीटर का आईएसटीपी कटाकर आया था लेकिन उसे लोगो ने पकड़ लिया। सिर्फ बहादुरपुर ही नहीं सबसे ज्यादा अंधेरगर्दी तमकुहीराज थाना क्षेत्र के टड़वा चौराहा पिकेट पर है जहाँ पर पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार चार, सात और चौदह घन मीटर का आई एस टी पी कटवाकर पांच सौ से एक हजार रुपया लेकर ट्रक निकलवाते है उन्हें इस बात का जरा भी भय नहीं रहता है कि यह अभियान पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी द्वारा चलवाया जा रहा है। बहुत सारी गाड़िया बिना आई एस टी पी के भी निकलती है, उक्त पिकेट पर तैनात पुलिसकार्मियों द्वारा रजिस्टर में दर्ज ट्रक नंबर का सिर्फ आई एस टी पी का जाँच करा ले डीएम और एस पी साहब तो सबका खेल समझ में आ जायेगा कि 25,18,14 घनमीटर के जगह पर चार और सात घन मीटर का आईएसटीपी क्यों कटा गया है और सब कुछ जानते हुए भी उक्त ट्रको को पुलिस वालों ने क्यों छोड़ दिया है। पैसा कमाने की लालसा वाले पुलिसकर्मियों को उक्त पिकेट पर तैनाती पाने के लिए जोड़ तोड़ किया जाता रहा है उपर से बालू कारोबारियों के प्रति साहब के साफ्ट कार्नर को देखते हुए यह पुलिसकर्मी आँख मुदकर बिना बैध प्रपत्र वाली गाड़ियों को पैसा लेकर आसानी से यूपी की सीमा में प्रवेश करवा देते थे। बहादुरपुर में टड़वा पिकेट से कुछ ज्यादा सख्ती रहती थी इसलिये ज्यादातर गाड़िया अभियान के दौरान इसी रास्ते से निकलती थी जबकि अभियान से पहले सारी गाड़िया बहादुरपुर चौकी से होकर ही गुजरती थी क्योंकि उस समय बालू कारोबारियों का खनन, पुलिस और परिवहन बिभाग पर  बालू कारोबारी लोगो का अच्छा प्रभाव था अब इसी प्रभाव पर कप्तान केशव कुमार और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तवर ने अंकुश लगा दिया है तो यह लोग दूसरे को आरोपित कर खुद को पाक साफ होने का दावा कर रहे है। कुल मिला जुलाकर कप्तान साहब और डीएम साहब के इस अभियान का तमकुहीराज थाना क्षेत्र में लगे पिकेट पर ईमानदारी से पालन किया गया होता और पैसे के लिए बहादुरपुर चौकी पर तैनात सिपाही संदीप गौड़ अपने ईमान को गिरवी नहीं रखा होता तो एक होनहार युवा सिपाही बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी अस्पताल में आज जीवन और मौत से संघर्ष नहीं कर रहे होते। कितने अरमानो से 25 बैच के इस होनहार सिपाही ने पुलिस महकमा ज्वाइन किया होगा लेकिन भ्रष्ट सिस्टम के वजह से उसके सपने दम तोड़ते नजर आ रहे है। यह तो तय है कि इस अपराध को कप्तान केशव कुमार चुनौती के रूप में लेंगे और इस घटना में शामिल आरोपियों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि उसे यह सबक ताउम्र याद रहेगा। साथ ही साथ बालू का अबैध कारोबार कर पैसा कमाने वाले ऐसे लोगो के लिए भी यह कार्रवाई सबक होगा जो अपनी खुद के बेईमानी के लिए दूसरे को आरोपित करते है कि उसने पकड़वा दिया तो उसने मुकदमा लिखवा दिया जबकि वास्तव में यह खुद उन लोगो का कारनामा है और पकड़े जाने पर दूसरे को आरोपित करने और गिरोह बनाकर लोगो को टारगेट कर रहे है लेकिन अब अति के बाद क्षति होना तय है।

रिपोर्टर : सुरेन्द्र प्रसाद

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