डॉ. प्रणव चतुर्वेदी का साहित्यिक अवलोकन हिंदी भाषा की ऐतिहासिक यात्रा!
कुशीनगर – श्री भगवान महावीर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पावा नगर (फाजिलनगर) के सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर "भारतीय एवं वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की उपयोगिता एवं महत्ता" विषय पर एक बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। झलकियाँ संचालन डॉ. प्रभाकर मिश्र: सहायक आचार्य, हिंदी ने कार्यक्रम का संचालन किया।डॉ. पंकज चौरसिया: विषय प्रवर्तन करते हुए हिंदी की उपयोगिता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला।डॉ. अमरजीत यादव: हिंदी की राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा की भूमिका पर विचार रखे।डॉ. रवि प्रकाश: हिंदी और अन्य भाषाओं के संबंधों को स्पष्ट किया।डॉ. विजय पवार: हिंदी की देश-काल और वातावरण में प्रासंगिकता पर चर्चा की।डॉ. राम प्रकाश पाण्डेय: स्वरचित कविता पाठ के माध्यम से हिंदी की उपयोगिता को रेखांकित किया।डॉ. प्रशांत बौद्ध: हिंदी कवियों का गुणगान करते हुए कविता पाठ प्रस्तुत किया। विशेष संबोधनप्रो. कृष्णचंद्र चौरसिया (मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य) ने हिंदी भाषा के विकास क्रम को विस्तार से समझाया।
डॉ. प्रणव कुमार चतुर्वेदी (अध्यक्ष) ने हिंदी साहित्य के इतिहास को सारगर्भित रूप में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता एवं सम्मान कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।उपस्थित गणमान्य डॉ. सुकेश पाण्डेय, डॉ. रितेश पाण्डेय, डॉ. गिरिजेश गौड़, डॉ. राजेश पाण्डेय, डॉ. बृजेश वर्मा, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. गिरिजेश मिश्र, डॉ. अंतिमा सहित महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।यह आयोजन हिंदी भाषा की वैश्विक महत्ता और भारतीय परिदृश्य में उसकी उपयोगिता को रेखांकित करता है।
रिपोर्टर - सुरेन्द्र प्रसाद गोंड

No Previous Comments found.