गौ सम्मान के तहत सख्त कानून की मांग, प्रशासन को सौंपा गया प्रार्थना पत्र
महरौनी : “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत गौवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं वध पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर एक प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया। दिनांक 27 अप्रैल 2026 को दिए गए इस ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में सख्त कानून निर्माण की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि गौवंश भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसे केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी संरक्षित करना आवश्यक है। अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती गौवंश से जुड़ी समस्याओं, दुर्घटनाओं और उपेक्षा के चलते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि पहले प्रति व्यक्ति गौवंश की उपलब्धता अधिक थी, लेकिन वर्तमान समय में यह लगातार घटती जा रही है, जिससे ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाएं और शहरों में प्लास्टिक खाने से गौवंश की मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने मांग की है कि केंद्र सरकार के स्तर पर “केंद्रीय गौ सेवा एवं संरक्षण अधिनियम” लागू किया जाये। तथा गोपालन मंत्रालय की स्थापना की जाए, ताकि देशभर में गौवंश संरक्षण के लिए एक समान और प्रभावी नीति लागू हो सके।
इस दौरान संबंधित अधिकारियों से जल्द जल्द उचित कार्रवाई करने की अपील की गई है।
रिपोर्टर : ऋषि तिवारी

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