लातेहार निकाय चुनाव: 27 फरवरी को खुलेगा भाग्य का पिटारा, जीत के दावे से गरमाई सियासत
लातेहार : नगर पंचायत चुनाव 23 फरवरी की संध्या पांच बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। मतदान खत्म होते ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच हार-जीत का गणित तेज हो गया है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, चाय दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग जुटकर संभावित परिणामों को लेकर चर्चा करते देखे जा रहे हैं। चुनाव भले ही स्थानीय निकाय का हो, लेकिन माहौल विधानसभा या लोकसभा चुनाव जैसा नजर आ रहा है। हर दल और समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे हैं, जबकि आम मतदाता 27 फरवरी का इंतजार कर रहा है जब मतगणना के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
भाजपा का मजबूत दावा: महेश सिंह को बढ़त का भरोसा
भारतीय जनता पार्टी के नेता खुलकर भाजपा समर्थित प्रत्याशी महेश सिंह की जीत का दावा कर रहे हैं। प्रदेश परिषद सदस्य राजधनी यादव, जिला अध्यक्ष वंशी यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष पंकज सिंह, जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार दुबे, महेंद्र प्रसाद गुप्ता, मुकेश पांडे तथा लोजपा प्रदेश सचिव मुरली प्रसाद ने संयुक्त रूप से दावा किया है कि महेश सिंह को सभी 22 मतदान केंद्रों पर अच्छा समर्थन मिला है।
भाजपा नेताओं के अनुसार कई बूथों पर महेश सिंह को 70 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त हुए हैं। हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी स्वीकार किया कि राजहार और डुरूआ के कुछ मतदान केंद्रों पर अपेक्षाकृत कम मत मिले हैं, लेकिन उनका मानना है कि कुल मिलाकर स्थिति भाजपा के पक्ष में है। समर्थकों का कहना है कि शहर में विकास के मुद्दे और संगठन की मजबूती का लाभ महेश सिंह को मिला है।
झामुमो का भरोसा: बिलासी तोपनो की जीत तय
दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा भी पूरी तरह आत्मविश्वास में है। झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव, जिला उपाध्यक्ष समसूल होदा, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष अरुण दुबे, जिला प्रवक्ता सुशील कुमार यादव, आर्सेन तिर्की, रिंकू कच्छप, सौरभ श्रीवास्तव, अहद खान, आफताब आलम, पंकज तिवारी और मुनेश्वर उरांव ने झामुमो समर्थित प्रत्याशी बिलासी तोपनो की जीत को सुनिश्चित बताया है।
झामुमो नेताओं का कहना है कि यह चुनाव शुरू से ही एकतरफा था और जनता ने पहले ही बिलासी तोपनो को विजयी बनाने का मन बना लिया था। नेताओं के मुताबिक महिलाओं, युवाओं और अल्पसंख्यक मतदाताओं का व्यापक समर्थन बिलासी तोपनो को मिला है। उनका कहना है कि 27 फरवरी को परिणाम घोषित होते ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने बदलाव और स्थिर नेतृत्व के पक्ष में मतदान किया है।
राजद का दावा: मिल्यानी कुजूर कर सकती हैं उलटफेर
राजद समर्थित प्रत्याशी मिल्यानी कुजूर के समर्थक भी पीछे नहीं हैं। राजद प्रदेश सचिव रंजीत यादव ने दावा किया है कि राजद ने मजबूती के साथ चुनाव लड़ा है और मिल्यानी कुजूर को समाज के हर वर्ग और समुदाय का समर्थन प्राप्त हुआ है। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की है और परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मिल्यानी कुजूर कुछ बूथों पर बढ़त बना लेती हैं तो बड़ा उलटफेर संभव है। कई विश्लेषकों का कहना है कि यह चुनाव मुख्य रूप से महेश सिंह, बिलासी तोपनो और मिल्यानी कुजूर के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में सिमट गया है।
आठ प्रत्याशी मैदान में, समर्थन की राजनीति भी चर्चा में
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कुल आठ प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। चुनाव के दौरान समीकरण बदलते भी नजर आए। आजसू समर्थित प्रत्याशी सेलेस्टीन कुजूर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव के अंतिम चरण में बिलासी तोपनो को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। इस समर्थन से झामुमो खेमे में उत्साह बढ़ा, जबकि विरोधी इसे सीमित प्रभाव वाला कदम बता रहे हैं।
वार्ड पार्षदों की भी टिकी निगाह
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के साथ-साथ वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवारों की भी किस्मत ईवीएम में बंद है। शहर के कई वार्डों में कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। स्थानीय मुद्दों जैसे सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को लेकर मतदाताओं ने मतदान किया है। वार्ड स्तर पर कई नए चेहरे चुनाव मैदान में थे, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
चौक-चौराहों पर सियासी चर्चा
मतदान समाप्त होने के बाद से ही शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। बाजार क्षेत्र, रेलवे स्टेशन रोड, मुख्य चौक और मोहल्लों में लोग समूह बनाकर संभावित नतीजों का आकलन कर रहे हैं। कुछ लोग बूथवार आंकड़ों के आधार पर जीत-हार का गणित बैठा रहे हैं तो कुछ मत प्रतिशत के आधार पर अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि अधिकांश लोग मानते हैं कि वास्तविक स्थिति 27 फरवरी को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी।
शांतिपूर्ण मतदान, प्रशासन सतर्क
मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी 22 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। मतदान प्रतिशत को लेकर भी लोगों में उत्साह देखा गया। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
27 फरवरी का इंतजार
अब सबकी निगाहें 27 फरवरी पर टिकी हैं। यही वह दिन होगा जब तय होगा कि नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा। किसके सिर पर ताज सजेगा और कौन हार की समीक्षा करेगा — यह सब मतगणना के बाद सामने आएगा।
क्या भाजपा समर्थित महेश सिंह जीत का परचम लहराएंगे?
क्या झामुमो की बिलासी तोपनो जनता के भरोसे पर खरी उतरेंगी?
या फिर राजद की मिल्यानी कुजूर कोई बड़ा उलटफेर कर सबको चौंका देंगी?
फिलहाल लातेहार की सियासत में उत्सुकता चरम पर है। किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद है और 27 फरवरी को लोकतंत्र का यह उत्सव अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगा। तब तक दावे, अनुमान और चर्चाओं का दौर यूं ही जारी रहेगा।
रिपोर्टर : बब्लू खान


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