अलविदा जुम्मा की नमाज में उमड़ी मुस्लिम धर्मावलंबियों की भीड़
बालूमाथ : पवित्र माह-ए-रमजान के अलविदा जुम्मे की नमाज पूरे अकीदत और एहतेराम के साथ बालूमाथ समेत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में अदा की गई। बालूमाथ स्थित जामा मस्जिद में इमाम व खतीब मौलाना मजहर ने कहा कि जिस तरह से एक महीने रमजान में मोमिन बनकर हमने अल्लाह की इबादत की है। उसी तरह पूरे साल अल्लाह की बंदगी कर नेक बंदों की फेहरिस्त में खुद को शामिल करना है। उन्होंने कहा कि जकात की सही अदायगी से माल पाक होता है। उन्होंने बताया की सदका-ए-फ़ित्र अदा करना हर साहेब-ए-निसाब के लिए अहम ज़रूरी है। जिसकी जैसी हैसियत हो अपने हैसियत के हिसाब से सदका-ए-फ़ित्र अदा करना चाहिए। बालूमाथ के मस्जिद-ए-उमर, मदरसा मस्जिद, मदीना मस्जिद, मिल्लत मस्जिद ढुलवाही, मस्जिद-ए-मुस्तफा में समेत बसिया, जर्री, शेरगड़ा, गणेशपुर, मुरपा, पिंडारकोम, धाधू, मासियातु, बालू, लेजांग इत्यादि जगहों पर सामूहिक रूप से अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। साथ ही ये ऐलान किया गया कि बालूमाथ स्थित ईदगाह में इस वर्ष सुबह सवा नौ बजे ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ अदा की जाएगी। इस बार सदका-ए-फ़ित्र कम से कम एक किलो छः सौ बानबे ग्राम गेहूं जिसका बाजार मूल्य सत्तर रुपए है तय किया गया है। जो साहब ए निशाब हैं वो जौ जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, खज़ूर के रूप में जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, किशमिश जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम, पनीर जिसकी मिकदार तीन कीलो तीन सौ चौरासी ग्राम या उसका बाजार मूल्य का सदका-ए-फ़ित्र अदा कर सकते हैं।
रिपोर्टर : मो० अरबाज

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