नाबालिग आदिवासी बच्ची की संदिग्ध मौत का 10 दिनों के बाद भी खुलासा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण: प्रतुल शाहदेव
चंदवा : भारतीय जनता पार्टी, झारखंड के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने चंदवा थाना क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद, चिंताजनक एवं कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाने वाली है।प्रतुल शाहदेव ने कहा कि बच्ची का शव बरामद हुए 10 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक इस मामले का उद्भेदन नहीं कर सकी है। इससे पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। इसी आक्रोश के कारण लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर अपना विरोध दर्ज कराना पड़ा, जो यह दर्शाता है कि जनता निष्पक्ष एवं त्वरित न्याय चाहती है।
प्रतुल ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला अत्यंत संदिग्ध प्रतीत होता है। इसलिए इसकी जांच केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। लातेहार के पुलिस अधीक्षक से आग्रह है कि इस मामले में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाए। बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की अवधि का कॉल डम्प, सीडीआर (Call Detail Record), मोबाइल लोकेशन, डिजिटल एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों सहित उपलब्ध सभी वैज्ञानिक एवं तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर घटना की तह तक पहुंचा जाए।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश, हत्या अथवा अन्य अपराध की पुष्टि होती है तो दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। एक नाबालिग आदिवासी बेटी को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने राज्य सरकार से भी मांग की कि वह इस गंभीर मामले की नियमित निगरानी करे ताकि जांच में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। भाजपा इस घटना पर गंभीर निगाह रखे हुए है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
रिपोर्टर : बब्लू खान
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