सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के आने पर दोषियों पर कार्यवाही सुनिश्चित करने की करेंगे कवायत तेज़
लातेहार : लातेहार जिले के जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में सामाजिक कार्यकर्ता और झामुमो नेता सौरभ श्रीवास्तव ने गत दिनों से चर्चा में रहे मनरेगा के भ्रष्टाचार पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
इस वार्ता में बोलते हुए सौरभ ने मनरेगा योजनाओं से संबंधित कई खुलासे किए।
सौरभ ने कहा कि मकर संक्रांति के दिन भारतीय जनता पार्टी के निर्वतमान प्रदेश अध्यक्ष और सदन में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी जी ने झारखंड प्रदेश में चल रही लोकप्रिय हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर कुछ बेबुनियाद आरोप लगाए और कहा कि सरकार मनरेगा घोटाले के प्रति संजीदा नहीं लेकिन लातेहार में होने वाले मनरेगा के भ्रष्टाचार पर आयोजित इस प्रेस वार्ता से लोगों को समझ लेना चाहिए कि यह सरकार मनरेगा योजनाओं को और पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कितनी हद तक प्रतिबद्ध है।
सौरभ ने खुलासा करते हुए कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि 55 जिलों में 302 करोड़ का बड़ा मनरेगा घोटाला हुआ है।अपने वक्तव्य में सौरभ ने कहा कि लातेहार की मोंगर और सीसी पंचायतों में 600 टीसीबी योजनाएं पूरी होनी थी जिसमें से 10% भी पूरी नहीं हो पाई।यहां तक की कई भूमिहीनों के नाम पर टीसीवी के पैसे की निकासी की गई जो गंभीर जांच का विषय है।
गारू के कूटाम पंचायत में लातेहार के रहने वाले कामिल हुसैन, सोमन प्रवीण मासूम प्रवीण आदि कई लाभुकों का नाम दर्ज हो गया जो गंभीर चिंता का विषय है।
सौरभ ने कहा कि मनरेगा में काम करने वाले संविदा कर्मियों और अन्य मनरेगा की परिसंपत्तियों में कई सौ गुना का इजाफा, मनरेगा में होने वाले भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है इसके बाबत उन्होंने एसीबी और ईडी को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है।
सौरभ ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया की लातेहार के सीसी पंचायत में सोनू कुमार जो की विगत वर्ष पांचवे महीने से लेकर सातवें महीने तक जेल में बंद थे उनके नाम पर भी पैसे की निकासी हुई जो मनरेगा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
एक घटना का जिक्र करते हुए सौरभ ने कहा की चंदवा प्रखंड में डाकघरकर्मी मनीष कुमार पर चंदवा के झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी जी ने उपयुक्त को पत्र लिखकर बताया था कि उनके द्वारा मनोज मुंडा,सोमा मुंडा और तारा देवी के नाम पर फर्जी खाता खोला गया और पैसे की निकासी की गई।
सौरभ ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता समय-समय पर भ्रष्टाचार के इन विषयों पर आवाज उठाते रहते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो की प्रदेश में चल रही लोकप्रिय अबुआ सरकार में योजना पारदर्शी तरीके से लाभुकों तक पहुंचे।
मनरेगा के वेंडरों पर सौरभ ने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जिले में मनरेगा में ऐसे वेंडर रजिस्टर्ड है जिनके पास ना तो दुकान है ना ही कोई स्टॉक और वह मनरेगा योजनाओं में फर्जी बिल के माध्यम से करोड़ों रुपए की हेरा फेरी कर रहे हैं जिससे इस योजना पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि वो इस बाबत जल्द ही एसीबी को पत्र लिख जांच की मांग करेंगे।
फर्जी लोगों के नाम से जॉब कार्ड, बिचौलियों की सक्रियता और योजनाओं का जमीन पर नहीं उतरना इस योजना का गंभीर विषय है।सौरभ ने बताया कि उन्होंने लातेहार के उपविकास आयुक्त और सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(१) के अंतर्गत मनरेगा योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मांगी है जिसके प्राप्त होने पर फिर से प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी साझा करेंगे और उचित कार्यवाही भी सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।
यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि सौरभ के इस प्रेस वार्ता की चर्चा गत दिनों से मनरेगा से संबंधित विभागो में थी और आज इनके विषयवार खुलासे के बाद से संबंधित लोगों में खलबली मचनी तय है।
सौरभ के सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है यह भी इस पूरे प्रकरण का देखने योग्य पहलू होगा।
मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए सौरभ ने कहा कि प्रदेश में चल रही लोकप्रिय हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार आने वाले दिनों में मनरेगा की योजनाओं को प्रभावी तौर पर जमीन पर उतरने के लिए दृढ़ संकल्पित है और लातेहार जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा की पूरी टीम इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि ज़िले के घने जंगलों, पहाड़ों,डोंगरियों पर रहने वाले गरीब आदिवासी लोगों तक योजना का लाभ पहुंचे और इसके लिए जो भी प्रयास करने होंगे किए जाएंगे।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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