बरवाडीह में आस्था का सागर: हजारों श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर किया छठ पर्व संपन्न
लातेहार : बरवाडीह की मिट्टी और हवाओं में इन दिनों भक्ति और आस्था की अद्भुत छटा देखने को मिली। लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर जब हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया, तो पूरा घाट आस्था के समंदर में डूबता नजर आया। घाट पर हर ओर “जय छठी मैया” के जयकारों के साथ भक्ति का वातावरण गूंजता रहा।
व्रतियों के चेहरों पर शांति, श्रद्धा और समर्पण साफ झलक रहा था। कोई सूप सजाने में व्यस्त था तो कोई दंडवत प्रणाम कर भगवान भास्कर के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहा था। यह दृश्य सिर्फ एक पर्व का नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की जीवंतता और लोगों के अटूट विश्वास का प्रतीक बनकर सामने आया।
उगते सूर्य की पहली किरण के साथ व्रतियों ने दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर अर्पण कर आशीर्वाद लिया, जिससे घाट पर पारंपरिक और सांस्कृतिक सौंदर्य और भी निखर उठा।
इस मौके पर पंचायत समिति अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और व्रतियों के बीच पहुंचकर उनका सहयोग किया। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमारी आस्था, अनुशासन और सामूहिक एकता का प्रतीक है। कठिन तपस्या, पवित्रता और अटूट श्रद्धा से भरे इस चार दिवसीय महापर्व के समापन पर बरवाडीह के लोगों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनकी परंपराएं आज भी पूरी तरह जीवंत हैं।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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