4 अप्रैल को, संघर्ष के नायकों को मिलेगा सम्मान होटल कार्निवल में दोपहर 2 बजे आयोजित
लातेहार : जिला स्थापना दिवस के अवसर पर 4 अप्रैल 2026 को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शहर के जुबली चौक स्थित होटल कार्निवल में आयोजित होगा, जिसमें जिला निर्माण में योगदान देने वाले सभी सम्मानित समाजसेवियों को आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन लातेहार जिला निर्माण संघर्ष समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिले के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित करना और उनके योगदान को याद करना है। 25 वर्षों का गौरवशाली सफर आज से ठीक 25 वर्ष पूर्व, 4 अप्रैल 2001 को लातेहार ने एक नए जिले के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। लंबे समय तक चले संघर्ष, आंदोलन और जन-एकजुटता के परिणामस्वरूप यह जिला पलामू से अलग होकर झारखंड का 19वां जिला बना। यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं थी, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों की वर्षों की उपेक्षा, भौगोलिक कठिनाइयों और विकास की मांग का परिणाम थी।
संघर्ष की कहानी: जन-जन की भागीदारी
लातेहार को जिला बनाने की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही। किसान, मजदूर, छात्र, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की।
‘लातेहार जिला निर्माण संघर्ष समिति’ के बैनर तले इस आंदोलन को संगठित रूप दिया गया। आंदोलन के संयोजक जुझारू नेता मुरली प्रसाद के नेतृत्व में यह संघर्ष लगातार आगे बढ़ता रहा।
इन विभूतियों का रहा अहम योगदान
जिला निर्माण की इस ऐतिहासिक गाथा में कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों का योगदान रहा, जिन्होंने सदन से लेकर सड़क तक इस मांग को मजबूती से उठाया।
इनमें प्रमुख रूप से कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान, भू-राजस्व मंत्री इंद्र सिंह नामधारी, पूर्व सांसद शिवप्रसाद साहू, सूरज मंडल, पूर्व खान मंत्री पुरानचंद, पूर्व सांसद जोरावर राम और महिला नेत्री सुमित्रा पासवान शामिल रहे।इन नेताओं और संघर्ष समिति के सदस्यों ने लातेहार से रांची तक पदयात्राएं, धरना और अनशन कर आंदोलन को नई दिशा दी।
आंदोलन के प्रमुख चरण
लातेहार को जिला बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए—संघर्ष समिति का गठन कर जन-आंदोलन को एक मंच प्रदान किया गया
मशाल जुलूस, चक्का जाम और बंद के माध्यम से आंदोलन को व्यापक बनाया गया
प्रखंड स्तर तक समितियों का विस्तार कर आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की गई
इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप सरकार को झुकना पड़ा और अंततः लातेहार को जिला का दर्जा मिला।
सम्मान समारोह का उद्देश्य
आगामी 4 अप्रैल को आयोजित होने वाला सम्मान समारोह उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने लातेहार को जिला बनाने के संघर्ष में अपनी भूमिका निभाई।
इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों—लातेहार, चंदवा, बालूमाथ, मनिका, बरवाडीह, गारू और महुआडांड़—से समाजसेवी और गणमान्य लोग शामिल होंगे।समारोह में “संघर्ष से सृजन तक” की यात्रा को याद करते हुए जिले के विकास और उपलब्धियों पर भी चर्चा की जाएगी।
* समिति ने की अपील
लातेहार जिला निर्माण संघर्ष समिति ने जिले के सभी सम्मानित नागरिकों, समाजसेवियों और आंदोलन से जुड़े लोगों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने की अपील की है।समिति का कहना है कि यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन संघर्षों को याद करने का अवसर है, जिनकी बदौलत आज लातेहार एक स्वतंत्र जिला के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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