डेढ़ साल से उखड़ी पड़ी सड़क बनी मुसीबत: मोंगर पंचायत के हजारों ग्रामीण परेशान, आंदोलन की चेतावनी
लातेहार : जिले के मुख्यालय से जुड़ने वाली मोंगर पंचायत की प्रमुख ग्रामीण सड़क पिछले डेढ़ वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। सड़क निर्माण कार्य में भारी लापरवाही के कारण संवेदक द्वारा सड़क को उखाड़कर अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के नाम पर संवेदक ने सड़क को उखाड़ तो दिया, लेकिन उसके बाद निर्माण कार्य को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। परिणामस्वरूप सड़क पर गिट्टी और पत्थर बिखरे पड़े हैं, जिससे इस मार्ग पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब यह रास्ता फिसलन भरा और खतरनाक बन जाता है।यह सड़क मोंगर पंचायत के कई गांवों—हरखा, मोंगर, सेमरी, तुरीडीह, निंदिर, रहिया, डेमु, घुटवा, इचाक, लबरपुर, रिचुघुटा, रेहलदाग, बतात, पेशरार और हेतवाटोली—को सीधे जिला मुख्यालय से जोड़ती है। इन गांवों की कुल आबादी लगभग 8,000 से 10,000 के बीच है, जो इस सड़क पर निर्भर है। ऐसे में सड़क की यह दुर्दशा ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से होकर लातेहार स्थित स्कूलों में पढ़ने के लिए आते-जाते हैं। सड़क पर फैले पत्थर और गिट्टी के कारण बच्चों के गिरने और चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। अभिभावकों में भी इसको लेकर गहरी चिंता व्याप्त है, लेकिन अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।इस मुद्दे को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष बंसी यादव ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सड़क को उखाड़कर छोड़ देना सरकार और प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सरकार और स्थानीय अधिकारी कितने गंभीर हैं।
बंसी यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।ग्रामीणों ने भी एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवन रेखा की तरह है, जो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ती है।अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और कब तक इस अधूरी सड़क का निर्माण कार्य पूरा कराकर ग्रामीणों को राहत दिलाता है। फिलहाल, मोंगर पंचायत के हजारों लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी यह समस्या जल्द ही दूर होगी।.
रिपोर्टर : बब्लू खान


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