33% आरक्षण से महिलाओं को मिलेगा सशक्त राजनीतिक अधिकार : समीर उरांव
लातेहार : में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और उनके अधिकारों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अधिनियम के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में जिला प्रभारी मुकेश निरंजन सिंह, जिला अध्यक्ष बंसी यादव, पूर्व विधायक हरे कृष्णा सिंह, जिला महामंत्री छोटू राजा, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती रेणु देवी, जिला मंत्री श्रीमती उषा देवी, श्रीमती आशा देवी, श्रीमती सुकन्या देवी सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मनिका मंडल अध्यक्ष मंदीप कुमार, लातेहार ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पिंटू कुमार रजक, सरयू मंडल अध्यक्ष राजकुमार सिंह तथा कार्यकर्ता प्रवीण सिंह, हेमंत कश्यप और दीपक पासवान की भी सक्रिय भागीदारी रही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय नारी शक्ति वंदन अधिनियम रहा, जिसके तहत महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। इससे देश की राजनीति में संतुलन आएगा और महिलाओं की आवाज़ को मजबूती मिलेगी।
मुख्य अतिथि समीर उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को नई ऊंचाई देने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब यह अधिनियम पूरा करने का काम करेगा। उनके अनुसार, यह कानून देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब महिलाएं नीति निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेंगी, तब समाज के हर वर्ग के हितों का बेहतर प्रतिनिधित्व संभव हो सकेगा। महिलाओं की दृष्टि और संवेदनशीलता सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इस अधिनियम के माध्यम से उसे एक सशक्त मंच मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी इस अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे महिलाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और उन्हें समान अवसर प्राप्त होंगे।
जिला अध्यक्ष बंसी यादव ने कहा कि पार्टी हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण के पक्ष में रही है और यह अधिनियम उसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस कानून की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसके लाभ को समझ सकें और राजनीति में सक्रिय भागीदारी कर सकें।
पूर्व विधायक हरे कृष्णा सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र अधूरा है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करेगा, जिससे समाज के हर वर्ग का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
कार्यक्रम में महिला पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इस अधिनियम को महिलाओं के लिए एक नया अवसर बताया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालें और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस अधिनियम को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे।
रिपोर्टर : बब्लू खान

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